हमीरपुर। सरकारी स्कूलों में वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह आयोजित नहीं करने वाले स्कूल प्रमुखों के खिलाफ कार्रवाई होगी। जिला में एक दर्जन ऐसे स्कूल हैं, जिन्होंने शैक्षणिक सत्र 2024-25 में वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह का आयोजन नहीं किया है।
ऐसे में शिक्षा और खेल के क्षेत्र के अलावा एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एंड गाइड समेत अन्य प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थी सम्मानित होने से वंचित रह गए हैं। स्कूल प्रबंधन समितियों ने भी वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह का आयोजन न करने पर आपत्ति जताई है। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए प्रदेश सरकार ने शिक्षा विभाग से जवाब मांगा है।
वहीं, शिक्षा निदेशालय ने भी जिलों के शिक्षा उपनिदेशकों से रिपोर्ट तलब की है। इसमें स्कूल प्रमुखों को बताना है कि कब वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह का आयोजन किया गया और किसे बतौर मुख्यातिथि बुलाया गया। शिक्षा निदेशालय को भेजे जवाब में कई स्कूल प्रधनाचार्यों ने बीते वर्ष 2024 जुलाई-अगस्त में ही वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह के आयोजन की जानकारी दी है, तो कई स्कूल प्रधानाचार्य ने जवाब में लिखा है कि उन्होंने खुद ही इन समारोहों में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। स्कूल प्रधानाचार्यों के इस तरह की लीपापोती से विभाग खासा नाराज है।
अब जिन स्कूलों में वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह का आयोजन नहीं हुआ और जिनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए हैं, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं। शिक्षा निदेशालय की ओर से स्कूल शिक्षकों को 31 दिसंबर तक का समय प्रदान किया गया था, लेकिन कई स्कूलों ने समाराहों का आयोजन ही नहीं किया है।
कोट
कुछेक स्कूलों ने वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह का आयोजन नहीं किया है। संबंधित सूचना निदेशालय में भेज दी गई है। वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह का आयोजन नहीं करने वाले स्कूल प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस भेजे जाएंगे। शिक्षकों को आयोजनों के लिए 31 दिसंबर तक का समय प्रदान किया गया था।
राजेश भाटिया, अधीक्षक ग्रेड-वन कार्यकारी उपनिदेशक, उच्चतर शिक्षा विभाग, हमीरपुर