हमीरपुर। जिला मुख्यालय हमीरपुर से सटी बस्सी झनियारा पंचायत के प्रधान पद के चुनाव रद्द किए जाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है।
जिला निर्वाचन अधिकारी हमीरपुर के आदेशों के बाद जिला पंचायत अधिकारी हमीरपुर की ओर से पिछले साल प्रधान पद को रिक्त करने का नोटिस जारी किया गया था। इस फैसले को प्रधान रतन चंद ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन 30 दिसंबर को इस याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है।
हमीरपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत बस्सी झनियारा में 2021 को पंचायत स्तर के चुनाव हुए थे। इन चुनावों में प्रधान पद के उम्मीदवार रहे अशोक कुमार ने एसडीएम हमीरपुर के पास चुनाव को रद्द करने की याचिका दायर की थी, जिस पर संज्ञान लेते हुए एसडीएम हमीरपुर ने फरवरी 2023 को उक्त पंचायत के प्रधान पद के चुनाव को रद्द करने का फैसला सुनाया था। चुनाव रद्द होने के बाद वर्तमान प्रधान रतन चंद ने डीसी हमीरपुर के पास इस फैसले के विरुद्ध अपील दायर की, लेकिन 23 मई 2023 को डीसी हमीरपुर ने अपील को खारिज कर दिया।
वहीं, पद रिक्त करने को लेकर पंचायत प्रधान रतन चंद ने जिला पंचायत कार्यालय को नोटिस का जवाब दिया था, जिसमें उन्होंने हाई कोर्ट में इस मामले की अपील की बात कही है। अब हाई कोर्ट ने भी प्रधान की याचिका को खारिज कर डीसी हमीरपुर के पैसले को कायम रखा है। इस बीच बस्सी झनियारा पंचायत को नगर निगम हमीरपुर में शामिल करने की गजट नोटिफिकेशन भी जारी हो गई है।
गौर हो कि पंचायतों का एक वर्ष का कार्यालय बाकी बचा है, ऐसे में पंचायत में नए प्रधान के चुनाव कब होंगे इसे लेकर भविष्य में स्पष्ट हो पाएगा। हालांकि नगर निगम में शामिल सभी पंचायतों का कार्याकाल पूरा किए जाने की उम्मीद है।
ये था मामला
बस्सी झनियारा पंचायत के प्रधान पद के चुनाव रद्द किए जाने की चुनौती दी गई थी। दरअसल यहां पर अशोक कुमार नाम से दो उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था। एक नाम के दो उम्मीदवारों के चुनाव लड़ने की स्थिति में निर्वाचन अधिकारी को पोस्टल बैलेट पर उम्मीदवार के पिता अथवा उसका उर्फ नाम लिखना अनिवार्य होता है। चुनाव के दौरान अशोक कुमार वर्तमान प्रधान रतन चंद से महज 22 मतों से चुनाव हार गए थे। ऐसे में अशोक कुमार ने प्रधान पद के चुनाव को चुनौती दे दी। डीसी हमीरपुर ने अशोक के पक्ष में फैसला देते हुए चुनाव को रद्द कर दिया था। इसके बाद प्रधान रतन चंद ने हाई कोर्ट में मामले को लेकर अपील की, लेकिन हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया है। अशोक कुमार की ओर से अधिवक्ता अजय शर्मा ने मामले की पैरवी की है। अशोक ने जल्द से जल्द नए सिरे से पंचायत चुनाव करवाने की मांग की है।