संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व अवधि में ही परिवार नियोजन के तरीकों को अपनाने का परामर्श दिया जाएगा।
वहीं, स्वास्थ्य संस्थानों में पंजीकृत गर्भवती महिलाओं को नियमित जांच के दौरान सुरक्षित एवं प्रभावी परिवार नियोजन उपायों की जानकारी दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार चिकित्सक, स्टाफ नर्स और आशा कार्यकर्ता इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
प्रसव के बाद मां और नवजात के बेहतर स्वास्थ्य के लिए जन्म अंतराल बनाए रखना आवश्यक है, इसी को ध्यान में रखते हुए गर्भावस्था के दौरान ही महिलाओं और उनके परिजनों को परिवार नियोजन के विकल्पों, उनके लाभों और उपयोग की प्रक्रिया के बारे में जागरूक किया जाएगा।
प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) के दौरान अस्थायी एवं स्थायी परिवार नियोजन साधनों की जानकारी दी जाएगी, ताकि महिलाएं समय रहते सही निर्णय ले सकें। इस पहल से परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता बढ़ने के साथ मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आने की उम्मीद है।