ताल (हमीरपुर)। हेडमास्टर कैडर से प्रमोट हुए स्कूल प्रिंसिपल ने मुख्यमंत्री सुक्खू से अपील की है कि राज्य में जिला उपनिदेशक (शिक्षा) की पदोन्नति के लिए जारी सूची में उपनिदेशक (शिक्षा) के लिए हेडमास्टर कैडर के लिए पहले से आरक्षित पदों को न छेड़ा जाए।
जिला उपनिदेशक (शिक्षा) के पदों को भरने में 60 प्रतिशत का कोटा हेडमास्टर कैडर के प्रिंसिपल से और 40 प्रतिशत कोटा लेक्चरर कैडर के प्रिंसिपल से लिया जाता है। मुख्याध्यापक संघ के प्रधान रत्न सिंह वर्मा, प्रदेश महासचिव केवल ठाकुर, वित्त सचिव बहादुर सिंह मेहता, प्रदेश उपाध्यक्ष यशवीर ने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्णय आने पर 28 सितंबर को शिक्षा विभाग द्वारा प्रधानाचार्य की संशोधित वरिष्ठता सूची जारी की गई। इसमें हेडमास्टर कैडर से न के बराबर लोग शामिल हैं। हेडमास्टर कैडर ने उच्च न्यायालय के निर्णय को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इसे स्वीकार कर लिया गया है और उक्त मामले में अगली सुनवाई 2 दिसंबर को होनी है, जिसमें शिक्षा विभाग से जवाब मांगा गया है।
मुख्य अध्यापक संघ ने रोष व्यक्त किया कि शिक्षा विभाग प्रधानाचार्य की प्रोविजनल वरिष्ठता सूची के आधार पर ही उपशिक्षा निदेशकों की स्थाई पदोन्नति करने जा रहा है। हालांकि इस वरिष्ठता सूची के बारे में बहुत सी आपत्तियां दर्ज की गई हैं। उन्होंने मांग की है कि उक्त कोटे से किसी भी तरह की छेड़छाड़ न की जाए।