बड़सर विधानसभा का सबसे पुराना है यह कॉलेज
दो वर्ष पूर्व बंद कर दी गई थी एमए हिंदी और संस्कृत की कक्षाएं
बाबा बालकनाथ मंदिर न्यास करता है कॉलेज का संचालन, विद्यार्थी परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
बिझड़ी (हमीरपुर)। बाबा बालकनाथ महाविद्यालय चकमोह में विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर विषय पढ़ने की सुविधा नहीं मिल पा रही है। बाबा बालक नाथ मंदिर न्यास दियोटसिद्ध की ओर से संचालित इस महाविद्यालय में स्नातक की पढ़ार्ई के बाद विद्यार्थियों को दूरदराज के क्षेत्रों में स्थित महाविद्यालयों में भटकना पड़ रहा है। पूर्व में महाविद्यालय में विद्यार्थियों को एमए हिंदी और एमए संस्कृत की पढ़ाई करवाई जाती थी। विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में कोई भी परेशानी नहीं होती थी। लेकिन, पिछले दो वर्षों से महाविद्यालय में स्नातकोत्तर की कक्षाएं बंद है। इसी के चलते महाविद्यालय में कोई भी नया दाखिला नहीं हो पाया है।
युवक मंडल चकमोह के प्रधान सोमदत्त शर्मा, राजेश कुमार, रामस्वरूप, प्रदीप कुमार, राकेश राणा, जसवीर, सुदेश कुमारी आदि ने कहा कि प्रत्येक वर्ष बाबा बालक नाथ मंदिर में करोड़ों का चढ़ावा चढ़ता है। मंदिर की ओर से संचालित महाविद्यालय के उत्थान के लिए भी पैसा खर्च होता है लेकिन जो सुविधा या शैक्षणिक स्तर यहां पर बढ़ना चाहिए, वैसा नहीं हो रहा है। बच्चों की संख्या भी गिर रही है। पहले एमए हिंदी और एमए संस्कृत की क्लास यहां चलती थी, अब बंद हो गई है। बीते वर्ष भी उन्होंने मंदिर न्यास को महाविद्यालय में कक्षाएं शुरू करने के लिए ज्ञापन सौंपा था लेकिन अभी तक कक्षाएं नहीं चल पाई हैं। इस संदर्भ में कॉलेज के प्राचार्य नरेश कुमार ने कहा कि फिलहाल यहां स्नातकोत्तर की कक्षाएं बंद है और महाविद्यालय में कोई भी दाखिला नहीं हुआ है। उधर, कार्यकारी एसडीएम बड़सर धर्मपाल नेगी ने कहा कि तकनीकी कारणों के चलते यह समस्या हुई है। आगामी समय में इसको दूर करके कक्षाओं को फिर से शुरू करने का प्रयास किया जाएगा।