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चुनावी वर्ष में सुजानपुर नगर परिषद में सियासी ड्रामा शुरू

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अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ एडीएम को पत्र सौंपती सुजानपुर नप की पार्षद। - फोटो : Hamirpur-HP
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सुजानपुर (हमीरपुर)। चुनावी वर्ष में सुजानपुर नगर परिषद में सियासी ड्रामा शुरू हो चुका है। नगर परिषद सुजानपुर के भाजपा समर्थित उपाध्यक्ष के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव 24 घंटे के भीतर ही धड़ाम हो गया है। जिस भाजपा समर्थित पार्षद शकुंतला देवी ने सोमवार सुबह कांग्रेस के चार पार्षदों के साथ मिलकर एडीएम हमीरपुर को नप उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अपना सहमति पत्र सौंपा था, उसने अपना निर्णय बदल लिया है और गत दिवस दिए बयान से भी पलट गई हैं।
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अब उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव को लेकर आपत्ति दर्ज कर दी है। मंगलवार को शकुंतला देवी ने लिखित तौर पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी को अविश्वास प्रस्ताव निरस्त करने की मांग की है। भाजपा समर्थित पार्षद ने कहा कि वह अपना अविश्वास प्रस्ताव वापस लेना चाहती हैं और वर्तमान में जो नगर परिषद उपाध्यक्ष हैं, वे उनके साथ हैं और उन्हें अपना समर्थन देती हैं। सोमवार को सुजानपुर भाजपा मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र ठाकुर के साथ एडीएम कार्यालय पहुंची शकुंतला ने कहा कि वह भाजपा के साथ चट्टान की तरह खड़ी हैं। कुछ मनमुटाव था जो अब दूर हो गया है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद उपाध्यक्ष पवन कुमार ही नगर परिषद के उपाध्यक्ष रहेंगे।
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कांग्रेस अल्पमत में, फिर भी अध्यक्ष पद पर कब्जा
नगर परिषद सुजानपुर में कुल 9 वार्ड हैं। चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के 4-4 पार्षद जीते थे। जबकि एक निर्दलीय को उपाध्यक्ष पद देकर भाजपा ने अपने साथ मिला लिया था। इसके बावजूद क्रॉस वोटिंग के कारण भाजपा अध्यक्ष पद पर काबिज नहीं हो पाई, लेकिन कांग्रेस ने अपनी रणनीति के तहत अध्यक्ष पद पर कब्जा कर लिया। अब एक साल के बाद भाजपा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने पर विचार कर रही है, लेकिन इससे पहले एकमात्र उपाध्यक्ष के खिलाफ भी कांग्रेस के चार पार्षदों ने अपने साथ एक भाजपा समर्थित पार्षद को मिलाकर खेल पलट दिया। हालांकि, यह सियासी खेल महज 24 घंटे भी नहीं चल पाया।
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