फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खराब मौसम और बारिश में अल्ट्रासाउंड करवाने पहुंचे मरीज लौटे बैरंग

विज्ञापन
भोरंज अस्पताल में अल्ट्रासाउंड करवाने पहुंचे मरीज। - फोटो : Hamirpur-HP
विज्ञापन
भोरंज (हमीरपुर)। सिविल अस्पताल भोरंज में सप्ताह में एक बार होने वाले अल्ट्रासाउंड वीरवार को नहीं हो पाए। इस कारण मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा। बीते सप्ताह भी लोग अल्ट्रासाउंड करवाने भूखे पेट डॉक्टर का इंतजार करते रहे, लेकिन डॉक्टर नहीं आए। वीरवार को भी लोगों को अल्ट्रासाउंड की तिथि दी थी और खराब मौसम व बारिश के बीच लोग अस्पताल पहुंचे, लेकिन 11 बजे पता चला कि डॉक्टर नहीं आएंगे। इस बारे में कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई और अल्ट्रासाउंड करवाने आए हुए लोगों को घर लौटना पड़ा है।
विज्ञापन

कई मरीजों को मजबूरन निजी क्लीनिकों में महंगे दामों में अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ा। इन्होंने विभाग से अल्ट्रासाउंड की सुविधा जल्द मुहैया करवाने की मांग उठाई है। बता दें कि सिविल अस्पताल भोरंज में रेडियोलॉजिस्ट का पद ही नहीं है, हालांकि अस्पताल में नई अल्ट्रासाउंड की मशीन तो नई आ गई है लेकिन अस्पताल में मेडिकल कॉलेज हमीरपुर से रेडियोलॉजिस्ट डेपुटेशन पर आता है। वीरवार को भी करीब चार दर्जन मरीजों को अल्ट्रासाउंड की तिथि दे रखी थी, लेकिन लोगों को मायूस होकर घर लौटना पड़ा। चिकित्सक न होने से अल्ट्रासाउंड मशीन शोपीस बनकर रह गई है।
लोगों को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए सरकाघाट, हमीरपुर या निजी क्लीनिकों का रुख करना पड़ रहा है। जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में रोजाना लगभग 300 के करीब ओपीडी है और मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए तीन-तीन माह बाद की भी तिथि मिल रही है। ऐसे में तीन माह की तिथि के बाद जब मरीज अस्पताल में अल्ट्रासाउंड करवाने पहुंचे तो यहां चिकित्सक न होने से उन्हें बैरंग लौटना पड़ा।
विज्ञापन

मरीज सीमा देवी ने कहा कि दो माह पहले उसे वीरवार को अल्ट्रासाउंड की तिथि मिली थी, लेकिन वीरवार को जैसे ही अस्पताल पहुंची तो अल्ट्रासाउंड न होने का पता चला। जिस कारण बिना अल्ट्रासाउंड करवाए ही लौट गई। रणवीर सिंह ने कहा कि अस्पताल में सप्ताह में दो दिन अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिलनी चाहिए। उन्हें भी डेढ़ माह पहले पेट के अल्ट्रासाउंड की तिथि दी गई थी, लेकिन अल्ट्रासाउंड नहीं हुआ। लोगों की मांग है कि भोरंज अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट का पद सृजित कर यहां स्थायी सुविधा दी जाए। इस संबंध में बीएमओ भोरंज डॉ. ललित कालिया ने कहा कि अस्पताल में नई अल्ट्रासाउंड मशीन आ गई है, परंतु स्थायी रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर न होने से सप्ताह में एक बार ही अल्ट्रासाउंड होते हैं। वीरवार को रेडियोलॉजिस्ट के कोविड संक्रमित होने के चलते अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें