हमीरपुर। नगर निगम हमीरपुर में शामिल हुई पूर्व पंचायतों के पंचायत और सामुदायिक भवनों को अब नए रूप में विकसित किया जाएगा। वर्षों से सीमित उपयोग में आ रहे इन भवनों को बुजुर्गों की चौपाल, पार्षद कार्यालय और सामाजिक आयोजनों के केंद्र के रूप में इस्तेमाल करने की तैयारी शुरू हो गई है।
नगर निगम ने निगम में शामिल पंचायतों की सभी सार्वजनिक संपत्तियों का सत्यापन शुरू कर दिया है। योजना के अनुसार सामुदायिक भवनों में वरिष्ठ नागरिकों के बैठने, आपसी संवाद, मनोरंजन और कैरम-शतरंज जैसे इनडोर खेलों की सुविधा विकसित की जाएगी।
वहीं, पंचायत भवनों का उपयोग संबंधित वार्ड के पार्षद कार्यालय के रूप में किया जाएगा। इससे लोगों को अपनी समस्याओं और विकास कार्यों के लिए वार्ड स्तर पर ही जनप्रतिनिधि उपलब्ध होंगे। इसके अलावा इन भवनों को सामाजिक और पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए भी उपलब्ध करवाने की योजना है, ताकि सार्वजनिक संपत्तियों का बेहतर उपयोग हो सके।
कोट :
निगम में शामिल पंचायतों की सभी परिसंपत्तियों का रिकॉर्ड तैयार करने का कार्य शुरू कर दिया है। सर्वे पूरा होने के बाद प्रत्येक भवन की स्थिति के अनुसार मरम्मत, रखरखाव और उपयोग की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि करोड़ों रुपये की सार्वजनिक संपत्तियां लोगों के अधिकतम काम आ सकें।
-राकेश कुमार शर्मा, आयुक्त नगर निगम हमीरपुर