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नादौन अस्पताल में फार्मासिस्ट महज एक, दवाई लेने के लिए करना पड़ रहा इंतजार

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नादौन अस्पताल की ओपीडी के बाहर लगी मरीजों की भीड़। - फोटो : Hamirpur-HP
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नादौन। स्थान सिविल अस्पताल नादौन। समय 12 बजकर 25 मिनट। ओपीडी में मरीजों की भीड़ लगी है। यहां से मरीजों को दवाई लेने के लिए फार्मेसी काउंटर पर भेजा जा रहा है। काउंटर पर महज एक फार्मासिस्ट है।
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मरीजों को काउंटर के पास खड़े होकर दवाई के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। स्टाफ की कमी से जूझ रहे नादौन अस्पताल में फार्मासिस्ट का पद भी रिक्त होने से रोगियों और तीमारदारों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां चीफ फार्मासिस्ट समेत फार्मासिस्ट के दो पद सृजित हैं। इनमें से एक फार्मासिस्ट की सेवानिवृत्ति के बाद केवल एक ही फार्मासिस्ट ड्यूटी पर तैनात है। नादौन अस्पताल में दवाइयां आदि देने का कार्यभार केवल फार्मासिस्ट पर रहता है। ऐसे में एक ही कर्मचारी के यहां होने पर हालात का अंदाजा लगाया जा सकता है।
लोगों को काफी देर तक लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। स्टाफ की कमी का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। शनिवार को भी मरीजों को महज एक ही फार्मासिस्ट ने दवाइयां दीं और अस्पताल का कामकाज भी देखा।
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नादौन अस्पताल में रोजाना औसतन डेढ़ सौ के करीब ओपीडी होती है। इसके अलावा आपात स्थिति में आने वाले रोगियों तथा अस्पताल में भर्ती रोगियों की संख्या अलग रहती है। ऐसी परिस्थिति में कर्मियों पर काम के बोझ का अंदाजा लगाया जा सकता है। यहां नर्सों की संख्या भी छह है परंतु रोगियों की संख्या को देखते हुए यहां कम से कम 10 नर्सें होनी चाहिए। अकसर यहां अन्य स्वास्थ्य केंद्रों से भी नर्सों को ड्यूटी पर लगाया जाता है। इससे संबंधित स्वास्थ्य उपकेंद्रों का भी कार्य प्रभावित होता है।
क्षेत्र के अजय, विजय, रिंकू, अविनाश, उमेश, सुरेश ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मांग की कि अस्पताल में रिक्त फार्मासिस्ट समेत अन्य पदों को शीघ्र भरा जाए। साथ ही नर्सों की संख्या कम से कम 10 तक की जाए। बीएमओ डॉ. अशोक कौशल ने कहा कि जो स्टाफ मौजूद है, उससे पूरी कोशिश की जाती है कि मरीजों को कोई असुविधा न हो।
भीड़ से होती है समस्या : विधिचंद
नादौन अस्पताल में आए मरीज विधिचंद ने बताया कि जो दवाइयां डॉक्टर ने लिखी थी उसे अस्पताल के अंदर से ही लिया, परंतु कई बार मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण फार्मेसी से दवाइयां लेने को काफी समय इंतजार करना पड़ता है।
फार्मासिस्ट के पद को भरा जाए : सतीश
सतीश कुमार ने बताया कि अस्पताल में फार्मासिस्ट के दो पद हैं। इनमें से एक काफी समय से रिक्त है, उसे भरा जाए। ताकि मरीजों को परेशानी न झेलनी पड़े। एक ही फार्मासिस्ट होने से अस्पताल का कार्य प्रभावित होता है।
नए भवन में आधुनिक सुविधाएं दी जाएं : अभिषेक
अभिषेक कुमार ने कहा कि तीन जिलों से मरीज नादौन अस्पताल आते हैं। सुविधाओं का स्तर उतना नहीं है। अस्पताल में सुविधाएं और स्टाफ बढ़ाया जाना चाहिए। मरीजों को यहां बने अस्पताल के नए भवन में आधुनिक सुविधाएं मिलनी चाहिए।
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