हमीरपुर। जिले के 703 सरकारी स्कूलों में पुस्तकालयों की पुस्तकों की प्रदर्शनी से संबंधित गतिविधियों की रिपोर्ट अब ऑनलाइन माध्यम से उपनिदेशक, उच्च शिक्षा कार्यालय में जमा करवाना अनिवार्य कर दिया गया है। स्कूल प्रमुखों को चार सप्ताहों में करवाई गई प्रदर्शनी की विस्तृत जानकारी विभागीय पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
ऐसा न करने पर संबंधित स्कूल प्रमुखों से जवाब-तलबी की जाएगी और उन्हें प्रदर्शनियों के आयोजन न करने का कारण लिखित रूप में स्पष्ट करना होगा। उपनिदेशक कार्यालय की ओर से शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होते ही जिले के छह शिक्षा खंडों का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि अधिकांश विद्यालयों में बैग फ्री डे पर पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन नहीं हो रहा है।
इसी के आधार पर अब प्रत्येक माह रिपोर्ट जमा करवाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जिला स्तर पर मॉनिटरिंग की जा सके। शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रभारियों को निर्देश दिए थे कि बैग फ्री डे पर पुस्तकालयों की किताबों की प्रदर्शनी स्कूल परिसर में लगाई जाए, ताकि बच्चों की नियमित पढ़ाई प्रभावित न हो और वे अधिक रुचि से किताबें पढ़ सकें। मगर निर्देशों के बावजूद अनेक स्कूलों में यह गतिविधि नहीं हो पा रही है।
ऐसे में विद्यार्थी केवल एक पीरियड के दौरान ही पुस्तकें पढ़ पा रहे हैं और उन्हें उपलब्ध किताबों की पूरी जानकारी नहीं मिल पा रही। उल्लेखनीय है कि शिक्षा विभाग ने स्कूलों के पुस्तकालयों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी सार्वजनिक कर दिया है। यदि नियमित रूप से प्रदर्शनी आयोजित हो तो युवाओं को भी अपनी आवश्यकतानुसार किताबें चुनने और पढ़ने में आसानी होगी।
छह शिक्षा खंडों में निरीक्षण के बाद तैयार की गई रिपोर्ट में अधिकांश स्कूल किताबों की प्रदर्शनियां नहीं लगा रहे हैं। ऐसे में विभाग ने जिला स्तर पर ऑनलाइन रिपोर्ट अनिवार्य की है ताकि विद्यार्थियों और युवाओं दोनों को पुस्तक सुविधा मिल सके। -डॉ. एमआर चौहान, उपनिदेशक, उच्च शिक्षा विभाग, हमीरपुर