हमीरपुर। अवैध खनन और सड़क निर्माण रोकने गए वन रक्षक पर जानलेवा हमला करने तथा सरकारी कार्य में बाधा डालने के करीब छह साल पुराने मामले में अदालत ने आरोपी पवन कुमार निवासी गांव व डाकघर फगोटी, तहसील बिझड़ी, जिला हमीरपुर को दोषी करार दिया है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हमीरपुर सचिन रघु की अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 353, 332 और 333 के तहत उसे एक वर्ष के साधारण कारावास और कुल 18 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। हालांकि, धारा 307 के तहत हत्या के प्रयास के आरोप से उसे साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 11 जून 2020 को वन रक्षक विक्रमजीत सिंह को सूचना मिली थी कि करनेहड़ा के संरक्षित वन क्षेत्र में जेसीबी से अवैध रूप से रास्ता बनाने के लिए खोदाई की जा रही है। वह दैनिक वेतनभोगी प्रकाश चंद के साथ मौके पर पहुंचे।
वहां पवन कुमार जेसीबी चला रहा था। वन रक्षक के काम रोकने और जेसीबी की चाबी सौंपने को कहने पर आरोपी ने जेसीबी बंद कर दी, लेकिन कुछ देर बाद उसे दोबारा चालू कर वन रक्षक को कुचलने की कोशिश की।
बचने के प्रयास में वन रक्षक छलांग लगा गया, लेकिन जेसीबी का अगला टायर उसके पैरों पर चढ़ गया, जिससे दोनों टांगों में गंभीर चोटें आईं। आरोपी जेसीबी समेत मौके से भाग गया। घायल वन रक्षक को बड़सर अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे ऊना रेफर किया गया।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच के दौरान जेसीबी जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया था।