लोगों से शिकायत मिलने पर तुरंत पुराने स्कूल भवन का किया निरीक्षण
कॉलेज परिसर के साथ स्कूल के लिए जमीन आवंटन के अधिकारियों को दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
रंगस (हमीरपुर)। राजकीय माध्यमिक पाठशाला बन्ह के पुनर्निमाण के लिए अब जमीन के बदले जमीन मिलेगी। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर स्थित जोलसप्पड़ की जद में आए इस सरकारी स्कूल परिसर की जमीन को स्वास्थ्य विभाग ने टेकओवर तो किया लेकिन इस स्कूल के लिए वैकल्पिक जमीन नहीं मिल सकी है। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे भी क्लस्टर विद्यालय रंगस में शिफ्ट कर दिए गए हैं। ऐसे में सीएम सुक्खू से प्रभावित विद्यार्थियों के अभिभावकों ने रविवार को फिर मुलाकात की है। लोगों से जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक और शिक्षा तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से जानकारी तलब कर सीएम सुक्खू पुराने स्कूल में जायजा लेने पहुंचे। यहां पर उन्होंने जल्द से जल्द इस जमीन के बदले सात कनाल भूमि स्कूल निर्माण के लिए मुहैया करवाने के निर्देश दिए हैं। इस स्कूल में स्थानीय गांवथाईं, बन्ह, जंदली गुजरां, सनकर आदि के बच्चे घर के नजदीक शिक्षा ले रहे थे। लेकिन, मेडिकल कॉलेज के निर्माण की कवायद शुरू हुई तो यह कॉलेज की जद में आ गया। ऐसे में प्राथमिक विद्यालय के छोटे बच्चों को भी चार किलोमीटर का रास्ता राष्ट्रीय उच्च मार्ग से होकर पैदल तय कर रंगस जाना पड़ रहा है।
जमीन के साथ निर्माण के लिए मिले राशि
मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी के हिमाचल प्रदेश इकाई के उपाध्यक्ष जान मुहम्मद, नेक मुहम्मद, इस्लाम आदि ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को एक लिखित मांग पत्र दिया गया है। मेडिकल कॉलेज की जद में आए स्कूलों के निर्माण के लिए अन्य दूसरी जगह सात कनाल भूमि अलॉट की जाए और स्कूल निर्माण के लिए खर्च होने वाली धनराशि भी उपलब्ध कराई जाए ताकि क्षेत्र के नजदीक ही दोनों स्कूलों का निर्माण करके सभी विद्यार्थियों को बच्चों को पढ़ाई का उचित वातावरण व इसके लिए जरूरी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएं।
कोट
प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि सीएम के निर्देशों के तहत जल्द इस कार्य को किया जाएगा। जिला प्रशासन से मिलकर जल्द ही जमीन आवंटन की औपचारिकता को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।