हमीरपुर। स्थानीय निकाय के तहत लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए शहर के बीच अब लोग कबाड़ या आटा चक्की का कारोबार नहीं कर पाएंगे। नगर निगम के तहत अब इन व्यापारियों को रिहायशी क्षेत्रों से बाहर बसाया जाएगा। इससे मरीजों और बुजुर्गों को राहत मिलेगी।
नगर निगम हमीरपुर के अधिकारियों ने शहर में चल रही आटा चक्कियों और कबाड़ियों का डाटा एकत्रित करना शुरू कर दिया है। इसके बाद इन कारोबारियों को शहर के बाहर बसाया जाएगा। शहर में चल रही आटा चक्कियों से अस्थमा व अन्य सांस संबंधित रोग से पीड़ित मरीजों का दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
वहीं, कबाड़ से भी कई लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं सामने आ रही हैं। स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने इन कारोबारियों को रिहायशी क्षेत्रों से बाहर स्थापित करने का निर्णय लिया है। नगर निगम के अनुसार शहर के बीच कोई भी कबाड़ स्टोर नहीं कर पाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इन कारोबारियों का आंकड़ा एकत्रित करने में भी समय लगेगा, क्योंकि यह विभिन्न स्थानों पर बसे हुए हैं।
कोट :
नगर निगम के तहत आटा चक्की और कबाड़ का कारोबार करने वावोंं का डाटा इकट्ठा किया जा रहा है। ये लोग रिहायशी क्षेत्र में व्यापार नहीं कर सकेंगे। सांस संबंधित मरीजों की समस्या को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
-राकेश कुमार शर्मा, आयुक्त नगर निगम हमीरपुर