ठाकुर जगदेव चंद स्मृति शोध संस्थान नेरी और प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला के बीच एमओयू
- फोटो : Hamirpur-HP
हमीरपुर। ठाकुर जगदेव चंद स्मृति शोध संस्थान नेरी और प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला के बीच बुधवार को एक एमओयू हस्ताक्षरित किया गया है। इसका लक्ष्य शैक्षणिक कार्यकलापों और संबंधित शोध के क्षेत्र में एक दूसरे के संसाधनों का अधिक से अधिक उपयोग करना रहेगा।
इतिहास, कला एवं विभिन्न विषयों में चल रहे शोध कार्यों में आपसी सहयोग तथा पाठ्यक्रम एवं शैक्षणिक कार्यों को मिलकर करने के लिए यह समझौता कुलपति प्रो. कुलदीप चंद अग्निहोत्री तथा शोध संस्थान के अध्यक्ष विजय मोहन कुमार पुरी की ओर से हस्ताक्षरित किया गया। अब प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के शोधार्थी एवं विद्यार्थी अपने शोध कार्य और उच्च शिक्षा के लिए ठाकुर जगदेव चंद स्मृति शोध संस्थान नेरी, हमीरपुर का लाभ उठा पाएंगे। केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कुलदीप चंद अग्निहोत्री ने कहा कि इस समझौता ज्ञापन का विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोधार्थियों को दूरगामी लाभ प्राप्त होंगे और शोध की दिशा में प्रगति होगी।
शोध संस्थान नेरी के अध्यक्ष विजय मोहन कुमार पुरी ने कहा कि सभ्यता, संस्कृति और इतिहास बोध कराने वाली ग्रामीण परिवेश की विषय वस्तुओं का संरक्षण व लेखन इस समझौता ज्ञापन का एक उद्देश्य है। शोध संस्थान नेरी के निदेशक एवं मार्गदर्शक चेतराम गर्ग ने कहा कि शोध संस्थान में 15 वर्षों से किए जा रहे रचनात्मक कार्यों के परिणामस्वरूप ही विश्वविद्यालय के साथ यह समझौता ज्ञापन हो पाया है। इस मौके पर ठाकुर जगदेव चंद स्मृति शोध संस्थान नेरी के सह वैचारिक निदेशक एवं विश्वविद्यालय के भौतिक शास्त्र के वरिष्ठ आचार्य प्रो. भाग चंद चौहान, कुलसचिव (अतिरिक्त कार्यभार) हेमराज व डॉ. संजय कुमार मौजूद रहे।