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सिविल अस्पताल बड़सर में न रेडियोलॉजिस्ट, न ही स्त्री रोग विशेषज्ञ

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सिविल अस्पताल बड़सर। - फोटो : Hamirpur-HP
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बड़सर (हमीरपुर)। सिविल अस्पताल बड़सर में चिकित्सकों की कमी के चलते क्षेत्र के लोगों को मेडिकल कॉलेज हमीरपुर या ऊना अस्पताल का रुख करना पड़ रहा है। अस्पताल का निर्माण क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए किया गया था।
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इसके लिए करीब पांच साल पहले इस अस्पताल का दर्जा बढ़ाकर इसे सिविल अस्पताल कर दिया गया और यहां 50 बिस्तर की व्यवस्था की गई। अस्पताल को दर्जा तो सिविल अस्पताल का दिया गया, लेकिन यहां सुविधाएं इसके स्तर की नहीं दी जा रही हैं। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की मशीन तो है, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट कोई नहीं है। डेपुटेशन पर कभी कभार रेडियोलॉजिस्ट आता है। इस कारण गर्भवती महिलाओं समेत अल्ट्रासाउंड के लिए आने वाले अन्य मरीजों को मेडिकल कॉलेज हमीरपुर, ऊना अस्पताल या बाहरी निजी लैबों में अल्ट्रासाउंड करवाने पड़ रहे हैं।
इसके अलावा अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ का पद भी खाली चल रहा है। सात में से महज छह ही चिकित्सक सेवाएं दे रहे हैं। जबकि, उपमंडल बड़सर क्षेत्र के अलावा इस अस्पताल में जिला ऊना के साथ लगते क्षेत्रों के लोग भी उपचार को पहुंचते हैं। महिलाओं को अपनी बीमारी का इलाज करवाने के लिए हमीरपुर का रुख करना पड़ता है। अस्पताल का दर्जा बढ़ने के साथ स्टाफ की जिम्मेवारी भी बड़ी है, लेकिन जब स्वीकृत पद ही नहीं भरे जाएंगे तो उनके कंधों पर भी बोझ बढ़ना लाजिमी है। अस्पताल में लगातार घट रही मूलभूत सुविधाओं के कारण क्षेत्र के लोग परेशान हैं। लोगों में विनोद कुमार, कपिल कुमार, दिनेश कुमार, प्रवीण कुमार, वेद प्रकाश आदि ने अस्पताल में चिकित्सकों के पद भरने की मांग उठाई है।
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इस संबंध में बीएमओ बड़सर एचआर कालिया ने कहा कि सरकार को इससे अवगत करवाया गया है और सरकार की तरफ से जल्द ही इन खाली पड़े पदों को भरने का आश्वासन मिला है। उन्होंने कहा कि बड़सर में अनुभवी डॉक्टर और स्टाफ है, जो दिन रात बड़सर के लोगों की सेवा के लिए मौजूद हैं।
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