हमीरपुर। होटल मैनेजमेंट संस्थान हमीरपुर में सोमवार को ‘पहली शिक्षक मां’ कार्यक्रम के तहत दो दिवसीय कार्यशाला शुरू हुई। कार्यशाला का उद्घाटन जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान गौना करौर के प्रधानाचार्य मदन लाल बन्याल ने किया। इस कार्यशाला का उद्देश्य माताओं को बच्चों की शिक्षा में सक्रिय रूप से भागीदार बनाना है।
प्रधानाचार्य मदन लाल बन्याल ने बताया कि समग्र शिक्षा अभियान और एससीईआरटी सोलन द्वारा शुरू की गई यह पहल एक अनूठी और महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल के तहत माताओं को घर में अपने बच्चों को शिक्षा देने के लिए तैयार किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य माताओं को बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा में सक्रिय रूप से शामिल करना है, ताकि वे अपने बच्चों की बेहतर शिक्षा में योगदान दे सकें। यह पहल पूरे हिमाचल प्रदेश में शुरू की गई है, और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
कार्यशाला के पहले दिन स्रोत समन्वयक अनिल कुमार, सुनील कुमार और प्रतिमा शर्मा ने माताओं को प्रशिक्षण दिया। उन्होंने माताओं को बच्चों के लिए घर पर शैक्षिक गतिविधियां आयोजित करने और खेल-खेल में अंक ज्ञान देने के तरीके बताए। इस प्रशिक्षण से माताओं को यह समझने का अवसर मिला कि वे अपने बच्चों के लिए किस प्रकार के शिक्षण गतिविधियां आयोजित कर सकती हैं, जो बच्चों के विकास में सहायक हो सकती हैं।
इसके अलावा, कार्यशाला के दौरान माताओं को ‘फाइव डी’ (विकासात्मक गोल्स) के बारे में भी जानकारी दी गई, जो बच्चों के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास में मदद करेंगे। इस पहल से यह उम्मीद जताई जा रही है कि माताएं अपने बच्चों की शिक्षा में अधिक सक्रिय भूमिका निभाएंगी और बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।