हमीरपुर। जिला हमीरपुर के एक स्वयं सहायता समूह को अब कृषि कार्यों में तकनीकी मदद मिलेगी। कृषि विभाग ने शिमला संबंधित विभाग को एक ड्रोन की डिमांड भेजी है। यह ड्रोन तरल उर्वरकों और कीटनाशकों के छिड़काव के लिए उपयोगी होगा। इससे खेतों में कार्यों को तेज और अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा। इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूह को ड्रोन की खरीद पर करीब 80 फीसदी सब्सिडी दी जाएगी।
केंद्र सरकार की योजना के तहत, प्रदेश में 16 ड्रोन स्वयं सहायता समूहों को दिए जाने का प्रस्ताव है। कृषि विभाग ने महिला मंडलों से ड्रोन लेने की इच्छा जताने वाली डिमांड भी मांगी थी, जिसमें नादौन के एक स्वयं सहायता समूह ने अपनी रुचि जताई। इस ड्रोन का इस्तेमाल केवल कृषि कार्यों में नहीं होगा, बल्कि महिलाओं के लिए एक नई सशक्तिकरण की दिशा भी खोलेगा।
यह ड्रोन कृषि कार्यों में मदद करेगा। महिलाओं को ड्रोन चलाने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे न केवल कृषि कार्यों में सहयोग कर सकेंगी, बल्कि अन्य किसानों को भी किराए पर ड्रोन सेवाएं मुहैया करवा सकेंगी। इससे उनका आर्थिक सशक्तिकरण होगा और वे खुद भी रोजगार प्राप्त कर सकेंगी।
एक एकड़ में 10 मिनट में होगा छिड़काव
अब किसानों को फसलों के बीच में घुसकर खाद व दवा का छिड़काव करने की जरूरत नहीं है। नई तकनीक से फसलों में जरूरी कीटनाशकों का छिड़काव ड्रोन से होगा। इससे न केवल किसानों का समय बचेगा बल्कि फसल के उत्पादन की लागत भी घटेगी। ड्रोन की मदद से करीब एक एकड़ भूमि में सिर्फ 10 मिनट में दवा का छिड़काव हो जाएगा।
नादौन से एक स्वयं सहायता समूह की ड्रोन की डिमांड को शिमला भेज दिया गया है। महिला मंडल व स्वयं सहायता समूह को करीब 80 फीसदी सब्सिडी का प्रावधान है।
-राजेश राणा, जिला कृषि अधिकारी, हमीरपुर