उपायुक्त हमीरपुर देबश्वेता बनिक यहां आयोजित बैठक की अध्यक्षता करती हुईं।
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हमीरपुर। उपायुक्त देबश्वेता बनिक ने शुक्रवार को दिव्यांगजनों से संबंधित दो अलग-अलग समितियों की बैठक की अध्यक्षता की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम-2016 के तहत गठित जिला स्तरीय दिव्यांगता समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने अधिकारियों को अतिशीघ्र जिले के सभी छूटे पात्र दिव्यांगजनों के यूडीआईडी कार्ड बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिला का एक भी पात्र दिव्यांगजन यूडीआईडी कार्ड के बगैर नहीं रहना चाहिए।
उपायुक्त ने बताया कि यूडीआईडी कार्डधारक दिव्यांगजन केंद्र और प्रदेश सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आसानी से उठा सकते हैं। यह कार्ड पूरे देश में मान्य है। इसलिए जिले का कोई भी पात्र दिव्यांगजन इससे छूटना नहीं चाहिए। जिले में अभी तक 3,207 दिव्यांगजनों के कार्ड ऑनलाइन जनरेट हो चुके हैं। अगर उन्हें ये कार्ड अभी तक प्राप्त नहीं हुए हैं तो वे इनकी सॉफ्ट कॉपी डाउनलोड कर सकते हैं। यूडीआईडी की सॉफ्ट कॉपी के माध्यम से भी दिव्यांगजन विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं।
उपायुक्त ने कहा कि जिले के सभी बस स्टैंड, सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों, संस्थानों, सार्वजनिक शौचालयों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर दिव्यांगों का प्रवेश सुलभ बनाने के लिए सभी विभाग आवश्यक कदम उठाएं। बैठक में दिव्यांगों से संबंधित अन्य मुद्दों और कल्याणकारी योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
इसके बाद उपायुक्त ने विभिन्न विकलांगताओं के कारण नि:शक्त व्यक्तियों के लिए कानूनी संरक्षक नियुक्त करने के लिए राष्ट्रीय न्यास अधिनियम-1999 के तहत गठित स्थानीय स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता भी की। इसमें नि:शक्त व्यक्तियों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर समिति ने वर्ष 2022-23 में कानूनी संरक्षक नियुक्ति के लिए प्राप्त मामलों पर भी चर्चा की तथा पात्र मामलों को अनुमोदित किया।