स्कूल परिसरों में जगह-जगह उगी हैं जहरीली झाड़ियां
झाड़ियों की चपेट में आकर सूख रहे पौधे
ग्रीष्मकालीन अवकाश के चलते स्कूलों में नहीं हो पा रही सफाई
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। ग्रीष्मकालीन शुरू होते ही सरकारी स्कूलों के परिसर घास के मैदानों में तबदील हो रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि लाखों रुपये खर्च करके स्कूलों में लगाए गए पौधे झाड़ियों की चपेट में आकर सूख रहे हैं लेकिन स्कूलों में मैदानों की साफ सफाई और पौधों की देखभाल को लेकर कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी स्कूलों में पर्यावरण दिवस सहित अन्य विभिन्न कार्यक्रमों पर लाखों रुपये खर्च करके औषधीय पौधे रोपित करवाए गए हैं। वहीं, विभाग ने स्कूल प्रमुखों को स्कूल बंद करने से दो दिन पहले ही स्कूलों की साफ-सफाई के आदेश जारी किए थे, लेकिन अब दो सप्ताह से स्कूलों के बंद होने के कारण सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। स्कूलों में हर तरह कूड़ा और घास उग गई है।
अभिभावकों तारा राणा, दिलीप चंद, राजीव कुमार, अभिषेक, त्रिलोक चंद, रामस्वरूप आदि ने कहा कि प्रत्येक वर्ष शिक्षा विभाग की ओर से विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान स्कूलों में औषधीय पौधों को लगवाया जाता है ताकि विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा सके लेकिन स्कूलों में पड़ने वाले ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों में पौधों की देखभाल के लिए कोई भी निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। इससे स्कूलों में लगाए गए पौधे सूख रहे हैं। सबसे अधिक समस्या प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में आ रही है। इन स्कूलों में चौकीदार की व्यवस्था नहीं है। औषधीय पौधों के साथ शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों में किचन गार्डन भी स्थापित किए गए हैं। उनमें भी जगह-जगह घास उग गई है। किचन गार्डनों में लगाई गई सब्जियों के पौधे भी सूख रहे हैं। उन्होंने शिक्षा विभाग से स्कूलों में साफ सफाई के लिए आदेश जारी करने की मांग की है।
इस बारे में प्रारंभिक शिक्षा विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि स्कूलों के बंद होने से दो दिन पूर्व स्कूल प्रमुखों को स्कूल परिसर में साफ-सफाई करवाने के निर्देश दिए थे। वहीं, स्कूलों में सुचारु रूप से निरीक्षण किया जाता है ताकि विद्यार्थियों को कोई भी परेशानी न हो।