हमीरपुर। शैक्षणिक सत्र 2022-23 में जिलाभर के 304 सरकारी प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च स्कूलों मेें बहुत कम विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। इन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या दो से 20 के अंतराल में है। वर्तमान में जिले के 217 प्राथमिक, 84 माध्यमिक व तीन उच्च पाठशालाओं में विद्यार्थियों की संख्या 20 तक है। इन स्कूलों में कभी भी ताला लटक सकता है। स्कूलों में कम संख्या होने से विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा की भावना भी खत्म हो रही है। स्कूल में दाखिल अन्य विद्यार्थी भी निजी स्कूलों की तरफ रुख कर रहे हैं।
सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को भोजन, वर्दी सहित किताबें निशुल्क प्रदान की जा रही हैं। इसके बावजूद स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। दो वर्ष कोरोना महामारी के चलते अधिकांश अभिभावकों ने बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिल करवाया था, लेकिन हालात सामान्य होते ही सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या फिर से घटती जा रही है। स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या कम होने से वह लगातार पढ़ाई में पिछड़ते जा रहे हैं। छोटी कक्षाओं में बच्चे प्रतिस्पर्धा और खेल-खेल में पढ़ाई करना सीखते हैं, लेकिन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम होने के कारण न ही बच्चे खेल पा रहे हैं और न ही अच्छे से पढ़ाई कर पा रहे हैं। अगर इसी अंतराल से स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या घटती रही तो शीघ्र आधुनिक सुविधाओं वाले इन स्कूलों में ताला लटक सकता है।
इस संदर्भ में प्रारंभिक शिक्षा विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक कुलभूषण राकेश ने कहा कि सरकार की ओर से प्री-प्राइमरी से लेकर बड़ी कक्षाओं के विद्यार्थियों को स्कूल में निशुल्क आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं, लेकिन अधिकांश लोग अपने बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिल करवा रहे हैं। इससे सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या लगातार घटती जा रही है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिल करवाने का आग्रह किया है।