हमीरपुर। करवाचौथ व्रत पर इस बार सुहागिनों को चूड़ियां पहनने के लिए अधिक बजट खर्च करना पड़ रहा है। इस बार कांच की चूड़ियों में प्रति दर्जन 30 से 50 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है।
हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कांच की चूड़ियों को अधिक महत्व दिया जा रहा है। महिलाएं हाथों में एक दर्जन से लेकर दो दर्जन तक चूड़ियां पहनना पसंद कर रही हैं। करवाचौथ पर सुहागिनें अपने सुहाग की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं। व्रत के दिन महिलाएं विशेष ध्यान रखती हैं कि इस दिन उनके हाथ से खून न निकले, इसलिए एक दिन पूर्व ही महिलाएं चूड़ियां पहनने के लिए दुकान पर पहुंच जाती हैं।
महिलाएं जहां लाल रंग की चूड़ियां अधिक पसंद कर रही हैं, वहीं सूट के रंग के साथ मैच करती हुई रंग-बिरंगी चूड़ियां भी उन्हें खूब भा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में चूड़ियों की कीमत 100 रुपये से 200 रुपये प्रति दर्जन है। पिछले वर्ष चूड़ियों की कीमत 70 रुपये से 150 रुपये प्रति दर्जन थी।
महिलाओं का कहना है कि करवाचौथ सुहागिनों की निशानी होती है, इसलिए अधिकांश लाल रंग को तवज्जो दी जाती है। वहीं, दुकानदारों का कहना है कि करवाचौथ पर लाल रंग की चूड़ियों को अधिक महत्व दिया जा रहा है। हालांकि इस बार चूड़ियों के दाम में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन महिलाओं में इसका क्रेज कम नहीं हुआ है। महिलाएं उच्च गुणवत्ता वाली चूड़ियों को अधिक पसंद कर रही हैं।
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करवाचौथ व्रत पर महिलाएं कांच की चूड़ियां पसंद कर रही हैं। हालांकि इस बार दामों में बढ़ोतरी हुई है। मगर इसके बावजूद महिलाओं को कांच की चूड़ियां अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष चूड़ियों के दाम 30 से 50 रुपये प्रति दर्जन बढ़े हैं।
-अमित कुमार, दुकानदार
करवाचौथ महिलाओं के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। व्रत से पूर्व महिलाएं सामाग्री की खरीदारी के साथ-साथ नई चूड़ियां भी पहनती हैं। इसमें महिलाओं को कांच की चूड़ियां अधिक शोभा देती हैं। महिलाएं रंग-बिरंगी चूड़ियां पहनना पसंद कर रही हैं। महिलाएं व्रत से एक दिन पहले ही चूड़ियां पहन लेती हैं।
- मंजू, दुकानदार
करवाचौथ व्रत पर नए वस्त्रों के साथ नई चूड़ियां पहनने का भी रिवाज है। इस दिन केवल कांच की चूड़ियां अच्छी लगती हैं। महिलाएं एक दर्जन से लेकर दो दर्जन तक चूड़ियां पहनती हैं। इस बार कांच की चूड़ियों के दाम में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन इससे अधिक प्रभाव नहीं पड़ रहा है।
-सरोज कुमारी
कांच की चूड़ियां सुहागिनों की पहचान हैं। इस दिन नई चूड़ियां पहनना शुभ माना जाता है। इसमें न केवल चूड़ियां पहनी जाती हैं, बल्कि सास, जेठानी, देवरानी और ननद को भी कांच की चूड़ियां भेंट स्वरूप करवे में डालकर दी जाती हैं। महिलाओं के लिए यह त्योहार बहुत ही महत्वपूर्ण होता है।
-सुमन ठाकुर
भोटा में करवा चौथ व्रत पर खरीदारी करते हुए महिलाएं। संवाद
भोटा में करवा चौथ व्रत पर खरीदारी करते हुए महिलाएं। संवाद
भोटा में करवा चौथ व्रत पर खरीदारी करते हुए महिलाएं। संवाद
भोटा में करवा चौथ व्रत पर खरीदारी करते हुए महिलाएं। संवाद
भोटा में करवा चौथ व्रत पर खरीदारी करते हुए महिलाएं। संवाद