Investigation started without starting tender work
हमीरपुर। जलशक्ति विभाग में बिना टेंडर चहेते से काम करवाने के मामले की जांच शुरू हो गई है। जलशक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता विनोद ठाकुर ने इस मामले में अधिशासी अभियंता हमीरपुर से रिपोर्ट मांगी है। इसके साथ ही बिना टेंडर करवाए काम का जांच पूरी होने तक भुगतान भी रोक दिया है। इससे काम करवाने वाले अधिकारियों और ठेकेदार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ठेकेदार ने करीब चार लाख से अधिक का काम कर दिया है। अब मामले की जांच शुरू होने से भुगतान नहीं हो पाएगा।
उल्लेखनीय है कि जलशक्ति विभाग नादौन उपमंडल के गगाल में स्थित पेयजल जांच केंद्र भवन कर मरम्मत कार्य करवा रहा है। इस कार्य के लिए सरकार से 7 लाख 85 हजार 946 रुपये स्वीकृत किए हैं। विभाग ने 28 फरवरी 2022 को टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर थी। विभाग ने ठेकेदारों से तीन मार्च शाम चार बजे तक जलशक्ति विभाग के उपमंडलीय कार्यालयों से टेंडर फार्म जमा करने के निर्देश दिए। इसके बाद टेक्निकल और फाइनांशियल बिड खुलनी थी। संबंधित टेंडर में दर्शाया कार्य दो सप्ताह पूर्व ही शुरू हो चुका है।
ठेकेदार ने पुराने दरवाजों और खिड़कियों को भवन से निकाल कर बाहर कर दिया है। जबकि भवन में टाइलें बिछाने का काम भी हो चुका है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र जार, प्रदेश महासचिव सुशील शर्मा बिट्टू, किसान कांग्रेस के प्रदेश संयोजक विवेक कटोच, किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अध्यक्ष अजय शर्मा, विवेक कटोच समेत अन्य लोगों ने सरकार से इस मामले की जांच की मांग उठाई। सीमेंट के लिए ई-वे बिल की आवश्यकता होती है, बिना टेंडर कैसे सरकारी स्टोर से सीमेंट जारी हुआ, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
जलशक्ति विभाग के उपमंडल नादौन में लैब भवन का मरम्मत कार्य होना है। टेंडर अवार्ड होने से पहले ही कैसे काम हो गया? इसकी जांच की जा रही है। एक्सईएन से रिपोर्ट मांगी है। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक ठेकेदार को कोई भुगतान नहीं होगा। इस मामले में विभाग के जिस भी स्तर के अधिकारी की कोताही पाई जाएगी, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।
-विनोद ठाकुर, अधीक्षण अभियंता, जलशक्ति विभाग हमीरपुर