महारल स्कूल में रिकॉर्ड व दस्तावेज जांचते उपनिदेशक उच्चतर शिक्षा व अन्य।
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बिझड़ी (हमीरपुर)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला महारल में स्कूल प्रशासन की ओर से मास्क और सैनिटाइजर व अन्य सामान खरीद में किए गए गड़बड़झाले की जांच के लिए शुक्रवार को उपनिदेशक उच्चतर शिक्षा दिलबरजीत चंद्र स्कूल पहुंचे। इस दौरान उपनिदेशक ने समस्त दस्तावेज और रिकॉर्ड खंगाला। खरीदे गए सामान को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए स्कूल के ही एक अध्यापक ने इसकी शिकायत प्रदेश हाईकोर्ट, मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, निदेशक और स्थानीय विधायक से की थी। इसी सिलसिले में उपनिदेशक ने शुक्रवार को स्कूल का निरीक्षण किया और मामले से संबंधित तमाम दस्तावेज खंगाले हैं।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला स्कूल महारल को स्वर्ण जयंती उत्कृष्ट श्रेणी का दर्जा मिला है। इसके तहत सरकार ने स्कूल को 44 लाख के करीब बजट स्वीकृत किया है। इस बजट से स्कूल में खरीदी गई खेल सामग्री, मास्क व सैनिटाइजर से लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों, लैबों से संबंधित सामग्री की खरीद में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। इस संबंध में स्कूल के पूर्व प्रधानाचार्य सुखदेव का कहना है कि स्वर्ण जयंती उत्कृष्ट स्कूल घोषित होने के बाद जो राशि स्कूल को मिली है, उसे सरकार द्वारा तय की गई नियमावली के अनुसार खर्च किया गया है। जो भी व्यक्ति खर्च की गई राशि को लेकर आरोप लगा रहा है, उसके द्वारा बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। जिन लोगों ने ये आरोप लगाए हैं उनका व्यवहार उचित न होने के कारण विभाग को दो बार लिखित शिकायत की गई है। इस बारे में उपनिदेशक उच्चतर शिक्षा दिलवरजीत चंद्र ने कहा कि स्कूल में पहुंचकर मामले से संबंधित दस्तावेज खंगाले गए हैं। अगर किसी भी प्रकार की कोताही या गड़बड़ी पाई जाती है तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी।