हमीरपुर। काॅन्वेंट स्कूलों पढ़ाई की अंधी दौड़ के बीच एजुकेशन हब हमीरपुर में एक सरकारी स्कूल के शिक्षक ने अपनी बेटियों को अपने ही स्कूल में पढ़ाकर मिसाल पेश की तो वहीं बेटियों ने मेरिट में स्थान पाकर पिता का नाम चमकाया है।
शिक्षक और दोनों बेटियों ने सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की अवधारणा को बदला है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चबूतरा में कार्यरत हिंदी शिक्षक रमेश चंद ने अपनी दोनों बेटियों दीक्षा कत्थयाल और सपना कत्थयाल की शिक्षा सरकारी स्कूल में करवाई। दोनों बेटियों ने प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की मेरिट सूची में अपना स्थान दर्ज किया है।
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शिक्षक की बड़ी बेटी दीक्षा कत्थयाल ने 2023 में दसवीं कक्षा की मेरिट सूची में प्रदेशभर में दूसरा स्थान प्राप्त किया था। शिक्षक ने निजी स्कूलों की दौड़ छोड़कर इसी स्कूल में बेटी की आगामी पढ़ाई करवाई। इसके चलते अब बेटी दीक्षा कत्थयाल ने कला संकाय में 500 में से 478 कुल 95.6 फीसदी अंक प्राप्त कर मेरिट सूची में चौथा स्थान प्राप्त किया है। दीक्षा का सपना प्रशासनिक अधिकारी बनने का है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अध्यापकों और परिवार के सदस्यों को दिया है।
दूसरी बेटी सपना कत्थयाल ने बीते वीरवार को घोषित दसवीं कक्षा की मेरिट सूची में 700 में से 688 कुल 98.29 फीसदी अंक प्राप्त कर प्रदेशभर में नौंवा स्थान प्राप्त किया है। छात्रा का सपना चिकित्सक बनने का है। छात्रा चबूतरा स्कूल में ही विज्ञान संकाय में पढ़ाई कर रही हैं। शिक्षक रमेश चंद ने कहा कि सरकारी स्कूलों को लेकर समाज में गई अवधारणाओं को समाप्त करने के लिए दोनों बेटियों की पढ़ाई सरकारी स्कूलों में करवाई जा रही है, ताकि स्कूलों में मिलने वाली सुविधाओं को लेकर अन्य लोगों को भी प्ररेणा मिल सके। बेटियों की उपलब्धि पर सुनीता देवी व स्कूल प्रधानाचार्य संजय कुमार ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।