हमीरपुर। जिलेभर के सरकारी स्कूलों में कराए गए विकास कार्यों की अब व्यापक समीक्षा की जाएगी। इस दौरान स्कूल स्तर पर किए गए विकास कार्यों के बजट, माध्यम और लंबित बिलों के भुगतान से संबंधित पूरा डाटा एकत्रित किया जाएगा।
डाटा संकलन के बाद वर्षों से अधूरे पड़े कार्यों को पूरा करने के लिए रणनीति तैयार की जाएगी। बजट उपलब्ध होने के बावजूद कार्य पूरे न कराने वाले संबंधित प्रभारियों से जवाब-तलब किया जाएगा।
नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रस्तावित विकास कार्यों की शुरुआत और लंबित कार्यों के निपटारे के लिए यह कदम उठाया गया है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
जानकारी के अनुसार, पिछले वर्ष शिक्षा निदेशालय ने स्कूल प्रमुखों को पंचायतों और हिमुडा के माध्यम से विकास कार्य कराने के निर्देश दिए थे, ताकि कार्य समय पर पूरे हो सकें। इसके बावजूद दो दर्जन से अधिक स्कूल प्रमुखों ने निजी एजेंसियों के माध्यम से कार्य कराए, जिससे न केवल बिलों के भुगतान अटक गए बल्कि कई कार्य अधूरे भी रह गए।
इन्हीं अनियमितताओं को देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने अब जांच अभियान शुरू करने का निर्णय लिया गया है। अभियान के तहत स्कूल प्रमुखों को निर्माण की शुरुआत, कार्य एजेंसी, लागत, धन स्रोत, स्वीकृति पत्र, टेंडर प्रक्रिया, भुगतान विवरण और कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र सहित सभी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
कोट
स्कूल प्रमुखों को विकास कार्यों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। स्कूल स्तर पर अभियान शुरू किया जाएगा, जिसमें प्रभारियों को डाटा प्रदर्शित करना होगा।
-राजेश भाटिया, कार्यकारी उपनिदेशक, उच्च शिक्षा विभाग हमीरपुर