प्रदेशभर के शिक्षण संस्थानों के 550 कैडेट ले रहे भाग
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। राष्ट्रीय कैडेट कोर की एयर विंग का दस दिवसीय वार्षिक प्रशिक्षण शिविर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में आरंभ हुआ। वन एचपी एयर स्क्वॉड्रन एनसीसी कुल्लू के सौजन्य से पांच से 14 जुलाई तक करवाए रहे इस शिविर में प्रदेशभर के शिक्षण संस्थानों के लगभग 550 कैडेट्स और एनसीसी अफसर भाग ले रहे हैं।
शिविर का उद्घाटन वन एचपी एयर स्क्वाड्रन एनसीसी, कुल्लू के कमांडिंग ऑफिसर एवं कैंप कमांडेंट विंग कमांडर कुणाल शर्मा ने किया। प्रतिभागी कैडेटों ने शानदार गार्ड ऑफ ऑनर के साथ विंग कमांडर कुणाल शर्मा का अभिवादन किया। इस अवसर पर विंग कमांडर कुणाल शर्मा ने कहा कि शिविर के माध्यम से कैडेटों को सैन्य जीवनशैली, भारतीय वायु सेना की कार्यप्रणाली तथा एनसीसी के आदर्शों से व्यावहारिक रूप से परिचित करवाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि शिविर के दौरान कैडेटों को ड्रिल, एयरो मॉडलिंग, शस्त्र प्रशिक्षण, अग्निशमन, आपदा प्रबंधन, मैप रीडिंग, व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व प्रशिक्षण, विशेषज्ञ एवं सामान्य विषयों पर व्याख्यान सहित अनेक व्यावहारिक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिविर के सफल संचालन के लिए 10 एसोसिएट एनसीसी अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जिनमें फ्लाइंग ऑफिसर निश्छल शर्मा, फ्लाइंग ऑफिसर डॉ. चमन, फर्स्ट ऑफिसर राम लाल, सेकंड ऑफिसर चंद्रशेखर, कर्म चंद, गौरव, विनय, हरदेव देश्टा, सुमन तथा उदय सिंह कंवर शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त कैडेटों के प्रशासन, अनुशासन एवं कल्याण संबंधी व्यवस्थाओं के लिए सीटीओ नागेंद्र, रमेश, संजीव और अजय अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। परमानेंट इंस्ट्रक्टर स्टाफ में जूनियर वारंट ऑफिसर किरण कुमार, जूनियर वारंट ऑफिसर देवीलाल चौधरी सहित भारतीय वायु सेना के सार्जेंट एवं कोरपोरल अपनी विशेषज्ञ सेवाएं दे रहे हैं। वहीं, कैंप सीनियर कैडेट अभिषेक भी शिविर संचालन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एनसीसी की एयर विंग में सबसे महत्वपूर्ण गतिविधि फ्लाइंग यानि जहाज उड़ान होती है। हिमाचल प्रदेश में यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी और यहां के कैडेटों को फ्लाइंग के लिए पटियाला जाना पड़ता था। लेकिन, अब फ्लाइंग की सुविधा अब कुल्लू में जल्द ही शुरू हो जाएगी। कुल्लू में हैंगर का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है और जल्दी ही पटियाला से दो जहाज कुल्लू पहुंच जाएंगे। हिमाचल प्रदेश के कैडेटों के लिए यह एक बहुत बड़ी सौगात होगी।