रंगस (हमीरपुर)। उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय नेरी में आयोजित सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का समापन मंगलवार को हुआ। समापन समारोह में महाविद्यालय के डीन डॉ. डीपी शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने कहा कि कीट विज्ञान विभाग की अगुवाई में सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया।
इसे कौशल विकास निगम हिमाचल प्रदेश की ओर से प्रायोजित किया गया। कीट विज्ञान विभाग अध्यक्ष ने इस प्रशिक्षण शिविर में मधुमक्खियों के महत्व और इतिहास पर प्रकाश डाला। डॉ. विजय सिंह चंदेल के शहद निकालने की विधि पर चर्चा की। डॉ. आईडी शर्मा ने कीटनाशकों से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में प्रशिक्षुओं को अवगत करवाया। डाॅ. यशस्वी ठाकुर ने मधुमक्खियों के मौन पर अपने विचार व्यक्त किए। डॉ. बलवीर डोगरा ने मधुमक्खियों से होने वाली परागणता पर विस्तृत जानकारी दी। डॉ. मनिका कालिया ने पतझड़ ऋतु में होने वाले प्रबंधनों पर रोशनी डाली।