भोरंज/बिझड़ी (हमीरपुर)। ऊना जिले के गगरेट में हुए दर्दनाक हादसे में हमीरपुर जिले ने अपने तीन युवा पुलिस जवान खो दिए। तीनों की मौत से जिलाभर में शोक की लहर है। तीनों पुलिस जवानों का वीरवार दोपहर को उनके पैतृक गांवों के श्मशानघाट में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इससे पहले वीरवार दोपहर बाद पैतृक गांवों में पुलिस जवानों के शव पहुंचने पर माहौल गमगीन हो गया।
चारों तरफ चीख पुकार मची थी। मृतकों की माताओं और अन्य परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था। उपमंडल भोरंज के पिदड़ता गांव के मनोज कुमार (23) और विशाल (22) के शव दोपहर बाद उनके गांव पहुंचे। दोनों एक साथ दो साल पहले भर्ती हुए और बुधवार को दोनों की एक साथ हादसे में मौत हो गई।
भोरंज की विधायक कमलेश कुमारी ने दोनों मृतकों के घर जाकर परिजनों को ढांढस बंधाया। इस दौरान जंगलबैरी बटालियन के कमांडेंट दिवाकर शर्मा सहित पुलिस के अन्य जवान मौजूद रहे।
वहीं बड़सर के पुलिस जवान शुभम के अंतिम संस्कार में भी सैकड़ों की संख्या में लोगों का हुजूम उमड़ा। एसडीएम शशि पाल ने कहा कि मृतक का अंतिम संस्कार वीरवार शाम को राजकीय सम्मान कि साथ किया गया।
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मां ने खोया इकलौता बेटा, पिता की पूर्व में हो चुकी मौत-
मनोज कुमार (22) घर में इकलौता बेटा था। तीन साल पहले उसके पिता की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी। उसकी बहन की शादी हो चुकी है। हादसे में मां का इकलौता चिराग बुझ गया है। जिससे मां सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मनोज के दादा पृथी चंद ने अपने दो जवान बेटों को खोने के बाद अपने पोते को भी खो दिया। मनोज दो साल पहले ही पुलिस में भर्ती हुआ था और करीब दस दिन पहले ही घर आया था। दो दिन पहले उसकी ड्यूटी चंबा से गगरेट लगी थी। मृतक के शव को ताया के लड़के गोल्डी ने मुखाग्नि दी।
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विशाल का बड़ा भाई भी पुलिस में है सेवारत-
विशाल कुमार (22) के शव को उसके बड़े भाई ने मुखाग्नि दी। उसकी माता पिंकी देवी और पिता विक्रम का रो-रो कर बुरा हाल है। विशाल का बड़ा भाई हिमाचल पुलिस में सेवारत है। विशाल के पिता निजी कंपनी में हैं, जबकि माता गृहिणी हैं। विशाल भी दो साल पूर्व पुलिस में भर्ती हुआ था।
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शुभम का बड़ा भाई पुलिस में, पिता हैं दुकानदार-
उपमंडल बड़सर की पंचायत उसनाड़ कलां के गांव नारकड़ के शुभम (24) का अंतिम संस्कार पैतृक गांव में हुआ। मृतक के पिता गारली में दुकान करते हैं, जबकि माता आंगनबाड़ी में हैं। बड़ा भाई भी पुलिस में हैं। मृतक को भतीजे अच्युत ने मुखाग्नि दी। मृतक चार साल पहले ही पुलिस में भर्ती हुआ था।