हमीरपुर। सदर थाना क्षेत्र की सासन पंचायत में सामने आया रंजना देवी हत्याकांड प्रदेशभर में बहस और आक्रोश का कारण बना। आरोपी नाबालिग की ओर से पुलिस पूछताछ में दुष्कर्म के प्रयास की बात कबूल करने के बाद मामला और गंभीर हो गया।
नाबालिग की उम्र को लेकर उठे सवालों ने परिजनों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर किया और नादौन–हमीरपुर मार्ग पर चक्का जाम तक की नौबत आ गई। हालांकि जिला पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए 24 घंटे के भीतर केस सुलझा लिया, लेकिन रंजना देवी की जान नहीं बच सकी और दिव्यांग गोलू के सिर से मां का साया उठ गया।
आरोपी को बाल सुधार गृह भेजा गया और मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। इस हत्याकांड की गूंज कई दिनों तक सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में छाई रही। वहीं, सालभर जिले में चिट्टा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। बरामदगी के साथ-साथ मार्च-अप्रैल के बाद ड्रग टेस्टिंग किट का इस्तेमाल भी विभिन्न थानों में तेज किया गया।
प्रतापनगर क्षेत्र में चिट्टा बरामदगी के मामले में दर्जनों लोगों को हिरासत में लिया गया। सदर पुलिस ने एक घर से करीब 25 ग्राम चिट्टा और नशीली दवाएं बरामद कर सप्लाई चेन को ट्रैक किया, जो होशियारपुर और फिरोजपुर तक जा पहुंची। कई बड़े तस्करों को सलाखों के पीछे डाला गया।
भोरंज पुलिस ने भी एक बड़े ड्रग डीलर को गिरफ्तार कर नेटवर्क पर प्रहार किया। वहीं, सदर थाना क्षेत्र के कृष्णानगर में एक दंपती को चिट्टा तस्करी के आरोप में पकड़ा गया। घर से 70 ग्राम चिट्टा और चरस बरामद हुई। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने अपने घर को ही चिट्टे की सप्लाई का अड्डा बना रखा था।
नशे की तलब में रिश्ते और जिंदगी दांव पर
जिला मुख्यालय की एक महिला द्वारा एक तोला चिट्टा पाने के लिए पिता की कार गिरवी रखने का मामला भी सामने आया। बड़सर में एक युवक ने पुलिस की मौजूदगी में चिट्टे की पुड़िया निगल ली, जिसकी कुछ समय बाद मौत हो गई। वहीं, एक मामले में आरोपी द्वारा एसएचओ पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास करने की घटना ने प्रदेशभर में सुर्खियां बटोरीं।
विधायक आशीष शर्मा और परिवार पर केस, सियासत गरमाई
विधायक आशीष शर्मा और उनके परिवार के खिलाफ खनन से जुड़े मामलों में एफआईआर दर्ज होने के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। पुलिस ने दो क्रशरों पर कार्रवाई की, जिसे लेकर विपक्ष ने सरकार और पुलिस पर दबाव में काम करने के आरोप लगाए। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए, जबकि विधायक आशीष शर्मा ने प्रेसवार्ता कर जिला पुलिस अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए।
लखनपाल ने पुलिस अधिकारियों को कटघरे में किया खड़ा
बड़सर में रिश्तेदार के चिट्टे के साथ पकड़े जाने के बाद विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने जिला पुलिस को कठघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने पुलिस अधीक्षक की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए बदनाम करने के आरोप लगाए। विधायक लखनपाल ने कहा कि वे नशे के खिलाफ हैं, लेकिन पुलिस ने तस्करों तक पहुंचने के बजाय रिश्तों को उछालने का काम किया।