व्यक्ति ने जिला पंचायत अधिकारी और एंटी करप्शन ब्यूरो शिमला को भेजी शिकायत
एसडीएम भोरंज ने पूर्व प्रधान के चुनाव को रद्द कर किया था अवैध घोषित
चुनाव रद्द होने के बावजूद शुरू किया पंचवटी का कार्य, नौ लाख खर्च
संवाद न्यूज एजेंसी
भोरंज(हमीरपुर)। एक वर्ष पूर्व सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के आरोप में प्रधान पद की कुर्सी गंवाने वाली विकासखंड भोरंज की एक पूर्व प्रधान पर अब उसी पंचायत के एक ग्रामीण ने निर्माण कार्यों में लाखों की अनियमितताएं बरतने के आरोप लगाए हैं।
ग्रामीण मदन वर्मा ने शिकायत के पत्र की प्रतियां बीडीओ भोरंज, जिला पंचायत अधिकारी हमीरपुर तथा एंटी करप्शन ब्यूरो शिमला को भेजकर जांच की मांग उठाई है। मदन वर्मा ने कहा है कि पंचायत में मंदिर के पास पंचवटी के निर्माण पर करीब नौ लाख की धनराशि खर्च होनी थी लेकिन पूर्व प्रधान ने इसके निर्माण कार्य में कोताही बरती और लाखों का गोलमाल कर डाला। एसडीएम भोरंज ने 2022 में पूर्व प्रधान के चुनाव को रद्द कर इसे अवैध घोषित कर दिया था। बावजूद इसके उसने पंचवटी का निमार्ण कार्य शुरू कर दिया। इस कार्य को करने के लिए एक चहेते आदमी को काम दिया गया और गोलमाल किया गया। इसके लिए पंचायती राज एक्ट की सेक्शन 7(2) के तहत किसी भी निर्माण कमेटी का गठन नहीं किया गया और मनमाने तरीके से बिल बनाकर सरकारी पैसे का दुरुपयोग किया गया। पंचायत के लोगों से ही बिलों पर हस्ताक्षर करवाए गए। उधर, पूर्व प्रधान ने कहा कि एसडीएम के फैसले को उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। जहां तक गोलमाल के आरोपों की बात है तो यह काम जेई, सचिव और पंचायत सदस्यों की निगरानी में हुआ है। आरोप झूठे हैं। जिला पंचायत अधिकारी हमीरपुर शशिबाला ने कहा कि शिकायत मिली जरूर है, लेकिन इसके स्टेट्स के बारे में बाहर होने के कारण अभी कुछ नहीं बता सकते हैं।