हमीरपुर। बालयोगी के श्रद्धालुओं की श्रद्धा के केंद्र विख्यात सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर में चढ़ावे की गणना में गड़बड़ी की आशंका ने आस्था पर गहरी चोट की है। हर वर्ष बाबा के दरबार में करोड़ों रुपये का चढ़ावा चढ़ता है।
इसमें लाखों श्रद्धालु चढ़ावे के साथ बाबा के दरबार में राशन और बकरे भी अपनी आस्था के अनुरूप चढ़ाते हैं। एक वर्ष के भीतर राशन बिक्री और बकरा नीलामी के बाद चढ़ावे में घोटाले की आशंका ने श्रद्धालुओं को आहत कर दिया है। इस तरह के मामलों से पहले कई दफा ट्रस्ट प्रबंधन की किरकिरी हो चुकी है।
अब दोबारा यहां पर घोटाले की आशंका से हैरत नहीं हुई, बल्कि हर घोटाले के बाद होने वाली औपचारिकता वाली जांच को जरूर पुख्ता कर दिया है। ट्रस्ट से जुड़े अधिकारियों की औपचारिकता वाली जांच ही घोटाले करने वाले लोगों के हौसलों को बुलंद कर रही है। इसी का नतीजा है कि एक वर्ष के अंतराल में बाबा को चढ़ने वाली हर चीज घोटालों की आशंका से घिर गई है।
राशन और बकरों के बाद रुपये के चढ़ावे में गोलमाल की आशंका आंतरिक व्यवस्था पर बड़ा सवाल बन गई है। अवैध राशन बिक्री और बकरा नीलामी में घोटाले के दौरान भी पुलिस तक बात पहुंची थी। पुलिस के साथ दोनों मामलों में विभागीय जांच भी हुई है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। निलंबन और एफआईआर से आगे प्रक्रिया नहीं बढ़ी है।
व्यवस्था में छोटे-मोटे बदलाव किए गए हैं, लेकिन अभी तक के सभी मामलों में आरोपी गिरफ्तारी से बचते रहे हैं, जबकि लगातार सामने आ रहे मामलों से ट्रस्ट में आंतरिक व्यवस्था में व्यापक बदलाव की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है।
फिलहाल चढ़ावे की गणना स्थगित
फिलहाल मंदिर ट्रस्ट की ओर से चढ़ावे की गणना को स्थगित कर दिया गया है। शुक्रवार और सोमवार को चढ़ावे की गणना होती है, लेकिन बीते सोमवार को इस गणना को नहीं किया गया है। इस मामले में ट्रस्ट की ओर से कार्रवाई के साथ आंतरिक व्यवस्था में बदलाव किए जा सकते हैं। उसके बाद ही चढ़ावे की गणना को आगे बढ़ाया जा सकता है।
सीसीटीवी कैमरों की जांच होगी अहम
गणना कक्ष में सीसीटीवी कैमरे लगे होते हैं। अब इन कैमरों की जांच अहम होगी। इस जांच में यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह चूक जानबूझ कर की गई है अथवा यह इरादतन है। जांच के लिए ट्रस्ट की ओर से कमेटी का गठन नहीं किया गया है। हालांकि इस तरह के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं और तहसीलदार स्तर के अधिकारियों को जांच का जिम्मा भी दिया जा चुका है। इससे पहले भी जांच का जिम्मा तहसीलदार स्तर के अधिकारियों को दिया जा चुका है।
कोट
मामले में जांच की जा रही है। मंदिर अधिकारी की ओर से मामले की जानकारी मिली है। गणना कक्ष सहित अन्य सीसीटीवी की फुटेज ट्रस्ट के पास सुरक्षित है। इसकी गहनता से जांच की जाएगी। खुद मामले की जांच कर रहा हूं।
-राजेंद्र गौतम, चेयरमैन मंदिर ट्रस्ट एवं एसडीएम बड़सर
ट्रस्टियों को गणना में शामिल न करना नियमों के खिलाफ : लखनपाल
सलौणी (हमीरपुर)। विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने कहा कि मंदिर में चढ़ावे में गणना की गड़बड़ी ने श्रद्धालुओं की आस्था को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने कहा कि यदि मंदिर ट्रस्ट प्रशासन ने बिना ट्रस्टियों के ही चढ़ावे की गणना करवाई है, तो यह नियमों के खिलाफ है। किसी भी धार्मिक स्थल के ट्रस्ट का गठन हो जाता है तो नियमानुसार चढ़ावे की गणना ट्रस्टियों की मौजूदगी में होती है, लेकिन दियोटसिद्ध मे इन तमाम नियमों को दरकिनार किया जा रहा है, जिसका भाजपा विरोध करती है। उन्होंने कहा कि प्रशासन इस मामले की गहनता से जांच करे और इससे जुड़े तमाम अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करे।