फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कर्मचारियों ने बंद किया बस अड्डा, प्रदेश सरकार व निगम के खिलाफ की नारेबाजी

विज्ञापन
बस अड्डा हमीरपुर पर प्रदर्शन करते एचआरटीसी कर्मचारी। - फोटो : Hamirpur-HP
विज्ञापन
हमीरपुर। आरएम शिमला के तबादले के विरोध में शनिवार को एचआरटीसी कर्मचारियों ने बस अड्डा बंद कर दिया। इस मौके पर प्रदेश सरकार, निगम प्रबंधन और आरटीओ शिमला के खिलाफ नारेबाजी की। बस अड्डा के दोनों ओर प्रवेश द्वारों पर बसें खड़ी कर कर्मचारियों ने किसी भी बस को अंदर नहीं आने दिया। वहीं, सुबह दस बजे तक तो करीब एक दर्जन रूटों पर निगम की बसें रवाना हो गईं। लेकिन उसके बाद के सारे रूट बंद रहे। जिन रूटों से बसें वापस आईं, उनकी सवारियों को भी पक्का भरो चौक पर पेट्रोल पंप के पास ही उतार दिया। जबकि बसों को बाईपास से होकर भेजा गया।
विज्ञापन

निजी बस ऑपरेटरों ने भी बस अड्डा के बाहर से ही सवारियां भरीं। इस दौरान अड्डा के बाहर जाम की स्थिति भी बनी रही। यात्रियों को सुबह दस बजे के बाद अपने गंतव्य जाने के लिए सरकारी बसें नहीं मिली। कई यात्रियों को दो से तीन घंटे बस अड्डा के बाहर ही इंतजार करना पड़ा। अमर उजाला की टीम सुबह दस बजे जब बस अड्डा हमीरपुर पर पहुंची तो यहां अड्डा के दोनों ओर बसें खड़ी कर आवाजाही को बंद किया गया था। इससे पहले अड्डा के अंदर खड़ी सभी बसों को बाहर कर दिया गया।
10:07 मिनट पर कर्मचारी प्रदेश सरकार, निगम प्रबंधन और आरटीओ शिमला के खिलाफ नारेबाजी में जुट गए। इस दौरान भारी पुलिस बल भी तैनात है। 10:16 पर बस अड्डा के बाहर वाहनों का जाम लग गया। एक ओर निजी बसें यात्रियों को भरती रही और दूसरी ओर सड़क पर अन्य वाहनों का जाम लग गया। कई लोग दोपहर 12 बजे तक लोग बस अड्डा के बाहर ही बसों का इंतजार करते रहे। लेकिन बसें नहीं मिली।
विज्ञापन

यात्री टैक्सी से गंतव्य तक पहुंचे। यहां कई लोग तीन-तीन घंटों तक बसों का इंतजार करते रहे, लेकिन बसें नहीं मिली। जिन लोगों ने ऑनलाइन टिकट बुकिंग करवाई थी, वह दिनभर बस अड्डा के लैंडलाइन पर फोन कर बस के जाने बारे स्थिति स्पष्ट करते रहे, लेकिन उन्हें भी शाम तक स्पष्ट नहीं हुआ कि बस जाएगी या नहीं। उधर, एचआरटीसी कर्मचारियों का कहना है कि जब तक आरएम शिमला का तबादला रद्द नहीं होता है यह हड़ताल जारी रहेगी।
उधर, एचआरटीसी हमीरपुर के डीडीएम विवेक लखनपाल ने कहा कि सुबह दस बजे के बाद रूट प्रभावित हुए हैं। बस अड्डा पर कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। दस बजे के बाद रूटों पर बसें नहीं गई हैं।
---
क्या कहते हैं कर्मचारी व लोग
जब तक तबादला रद्द नहीं, प्रदर्शन रहेगा जारी : सुरेश
एचआरटीसी चालक यूनियन के अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने कहा कि निजी बस ऑपरेटरों के प्रभाव में आकर सरकार ने आरएम का तबादला किया है। जो अधिकारी निगम की आय के लिए हमेशा सोचता है, उसका तबादला किया गया। निजी बस ऑपरेटरों की समयसारिणी निर्धारित नहीं है। बस अड्ड पर भी समय खाते हैं और निगम के कर्मचारियों से लड़ाई झगड़ा भी करते हैं। जब तक आरएम का तबादला रद्द नहीं होता है तब तक ऐसे ही प्रदर्शन जारी रहेगा।
रिकांगपिओ के लिए नहीं मिली कोई बस : मनोज
हमीरपुर से रिकांगपिओ के लिए बस अड्डा हमीरपुर पर बस देख रहे मनोज कुमार ने कहा कि वह एक घंटे ेस बस अड्डा पर बस के लिए भटक रहे हैं, लेकिन कोई बस नहीं मिल रही है। पूछने पर कर्मचारी हड़ताल कह रहे हैं। ऐसे में आवाजाही कैसे करेंगे। इतने दूर टैक्सी भी नहीं कर सकते हैं।
गंतव्य पहुंचने में होगी परेशानी: ब्रिजेश
हमीरपुर से रिकांगपिओ के लिए ही बस ढूंढ रहे ब्रिजेश ने कहा कि कांगड़ा जिले के रहने वाले हैं और रिकांगपिओ जाना है। लेकिन कोई भी बस नहीं है। निजी बस ऑपरेटर कुछ बता नहीं रहे, जबकि सरकारी बस ऑपरेटरों को पूछने पर वह हड़ताल होना बता रहे हैं। ऐसे में उन्हें अपने गंत्वय पहुंचने में परेशानी होगी।
दो घंटे बाद भी नहीं मिली बस : उर्मिला
नेरी बलेटा के लिए उर्मिला देवी बस अड्डा हमीरपुर पर दो घंटों से इंतजार कर रही है। सरकारी बस तो है ही नहीं लेकिन कोई निजी बस भी नहीं मिल रही है। दो घंटे से कभी बस अड्डा के अंदर तो कभी बस देखने के लिए बस अड्डा के बाहर धूप में इंतजार करना पड़ रहा है, लेकिन बस नहीं मिल रही है।
वृद्ध महिला विमला को खाने पड़े धक्के
टौणी देवी जाने के लिए वृद्ध महिला बिमला देवी को बस नहीं मिल रही है। किसी से पूछने पर इन्हें नादौन चौक जाने को कहा। वृद्ध महिला ने कहा कि इतने दूर पैदल कौन जाए। अवाहदेवी जाने वाली महिला ने कहा कि वह भी उसी तरफ जाएगी, लेकिन पिछले एक घंटे से कोई बस नहीं है। इसलिए जब बस आएगी तो वह उन्हें बता देगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें