हमीरपुर। प्रदेश में अभी तक नगर निकाय चुनावों को लेकर कोई घोषणा तक नहीं हुई लेकिन नगर परिषद हमीरपुर में अभी से ही चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। नगर परिषद में चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों ने डोर टू डोर चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है। जिला मुख्यालय में करीब आधा दर्जन लोग अभी से चुनावों की तैयारियां कर मतदाताओं को रिझाने में लगे हुए हैं। कुछ एक लोगों ने तो चुनाव दृष्टि पत्र भी प्रकाशित कर लोगों में वितरित करना शुरू कर दिया है। इस बार नगर परिषद हमीरपुर में फर्जी वोटरों और भ्रष्टाचार का मुद्दा चरम पर है। चुनाव लड़ने के इच्छुक लोग अपने दृष्टि पत्र में भ्रष्टाचार मुक्त नगर परिषद, शहर को रेहड़ी-फड़ी के अतिक्रमण से मुक्त करने, शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने तथा नगर परिषद की पूर्ण कार्यवाही ऑनलाइन करने के मुद्दों को लेकर जनता के बीच जा रहे हैं। नगर परिषद के बीते माह जारी रोस्टर के कारण वर्तमान नगर परिषद के उपाध्यक्ष दीप कुमार बजाज, वार्ड नंबर 3 के पार्षद अनिल सोनी, वार्ड नंबर 6 के पार्षद अश्विनी शर्मा और वार्ड नंबर 1 के पार्षद अनिल चौधरी समेत आधा दर्जन पार्षदों के वार्ड के बाद आरक्षित होने के कारण शहर की राजनीति में बड़ा उलटफेर होने की संभावना बनी हुई है।
नगर परिषद में कुछ नए चेहरे अभी से ही चुनावों को लेकर सक्रिय हो गए हैं। वहीं जिन वर्तमान पार्षदों के वार्ड आरक्षित हो गए हैं, वह अब अन्य वार्डों में राजनीतिक जमीन तलाश रहे हैं। नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद ही प्रत्याशियों के चेहरों से पर्दा उठेगा। इस बार नगर परिषद हमीरपुर में भाजपा का वर्चस्व है। विधानसभा चुनावों में जिला हमीरपुर की 5 सीटों में से 3 पर कांग्रेस का दबदबा है। जिसके चलते नगर परिषद पर इस बार कांग्रेस पूरी ताकत के साथ जीत की तैयारियों में जुटी हुई है।