हमीरपुर। हिमाचल पथ परिवहन निगम डिपो हमीरपुर में अध्यापक पात्रता परीक्षा के मद्देनजर रविवार को 12 लोकल रूटों पर बसें तो भेजीं, लेकिन इन रूटों पर तेल खर्च भी पूरा नहीं हो पाया है। हमीरपुर से बयाड़ रूट पर चलने वाली बस ने 1800 रुपये का डीजल खर्च कर महज 165 रुपये कमाए। वहीं, हमीरपुर से धैल बस ने 1200 रुपये का डीजल खर्ज कर महज 340 रुपये कमाए हैं। निगम प्रबंधन ने रविवार को 12 लोकल रूटों सहित कुल 31 रूटों पर बसें भेजीं। इससे पूर्व रविवार को महज अंतरराज्यीय और अंतर जिला रूटों पर ही बसें चलती थी।
इस बार टेट की परीक्षा के चलते बसें चलाई गईं, लेकिन अधिकतर बसें इक्का दुक्का सवारियों के साथ ही अपने गंतव्य तक पहुंची। बस अड्डा हमीरपुर पर रविवार को लोगों की भीड़ लगी रही, लेकिन इनमें से अधिकतर बाहरी जिलों और राज्यों की सवारियां थीं। जो लोकल सवारियां थीं उन्हें भी घंटों इंतजार करना पड़ा। क्योंकि बसें परीक्षा समय के अनुसार चलाई गई थीं। दिन में अधिकतर बसें नहीं चलीं। जिस कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में भी परेशानी हुई। एचआरटीसी हमीरपुर कुल 64 रूटों पर बसें चला रहा है।
सोमवार से चार और रूटों पर बसें भेजी जाएंगी। इनमें हमीरपुर से जालंधर सुबह पांच बजे, हमीरपुर से होशियारपुर पौने छह बजे, हमीरपुर से जंदड़ू दोपहर तीन बजे और हमीरपुर से अवाहदेवी शाम आठ बजे शामिल है। डीडीएम विवेक लखनपाल ने कहा कि रविवार को परीक्षा के मद्देनजर बसें तो चलाई गईं, लेकिन सवारियां नहीं मिलीं। सोमवार को चार और रूटों पर बसें शुरू की जाएंगी।