एचआरटीसी के हमीरपुर डिपो में नए चालकों की तैनाती के बावजूद नई जवाहर लाल शहरी मिशन (जेएनएनयूआरएम) की बसों को रूटों पर नहीं दौड़ाया जा रहा है। दो दर्जन से अधिक मिशन की बसें पक्का भरो के पास प्रस्तावित नए बस अड्डा परिसर में जंग खा रही हैं। लोगों ने निगम प्रबंधन से नई बसों को रूटों पर दौड़ाने की मांग की है।
बीते माह हमीरपुर डिपो को तीन दर्जन नए बस चालक मिले हैं। नए बस चालकों को एचआरटीसी प्रबंधन पुरानी बसों में ही निर्धारित रूटों पर भेज रहा है, जबकि मिशन की करीब दो दर्जन से अधिक नई बसें पक्का भरो के पास जंग खा रही हैं। इन बसों को करीब छह माह से यहां पार्क किया गया है।
इन बसों को निर्धारित रूटों पर न भेजने से मशीनरी खराब होने की कगार पर है। लोगों में नरेश कुमार, प्रदीप कुमार, देवेंद्र कुमार, नीलम, सुनील कुमार का कहना है कि छह माह से अधिक बसें पक्का भरो के पास प्रस्तावित नए बस अड्डा परिसर में खड़ी जंग खा रही है। अरसे से बसों के न चलने से सरकारी मशीनरी का नुकसान हो रहा है।
पहले निगम प्रबंधन चालक न होने का हवाला देता था, लेकिन अब चालक मिलने के बावजूद निगम प्रबंधन बसों को निर्धारित रूटों पर नहीं चला रहा है। हालांकि, निगम प्रबंधन के कई रूट अरसे से बंद पड़े हैं, इसके बावजूद निगम प्रबंधन इन रूटों पर बसें चलाने की जहमत नहीं उठा रहा है।
क्षेत्रीय प्रबंधक प्रदीप कुमार का कहना है कि डिपो को 36 नए चालक मिले हैं। जल्द ही बसों को रूटों पर दौड़ाया जाएगा।