हमीरपुर। शिक्षा में अव्वल होने के साथ-साथ हमीरपुर के लोग कानून की अवहेलना करने में भी अव्वल हैं। जिले में 21 दिन के लॉकडाउन और कर्फ्यू के दौरान जिला हमीरपुर के 34 लोगों के खिलाफ पुलिस ने कर्फ्यू तोड़ने के आरोप में मामले दर्ज किए हैं। इसी तरह कर्फ्यू और इसमें ढील के दौरान वाहन चलाने पर पुलिस ने 46 वाहन चालकों के चालान भी काटे हैं। एक दूध की थैली खरीदने के लिए भी लोग कार और दोपहिया वाहन का प्रयोग कर रहे हैं। आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए कर्फ्यू में दी ढील के दौरान वाहन दौड़ाने पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
कर्फ्यू के दौरान सब्जी की रेट लिस्ट न लगाकर महंगी दरों पर सब्जियां बेचने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने पर भी पुलिस ने दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की है। वहीं, कर्फ्यू के बावजूद शराब बेचने पर पुलिस ने उपमंडल भोरंज में बडैहर और खतरवाड़ और उपमंडल बड़सर के एक शराब ठेकेदार के खिलाफ भी आपदा प्रबंधन अधिनियम और भादंसं की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किए हैं। जिला पुलिस लॉकडाउन का सख्ती से पालन करवाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। पुलिस ने सभी सीमावर्ती इलाकों में नाके पर चौकसी बढ़ा दी है। इसके अलावा दिन और रात पुलिस की गश्त है। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए पुलिस सीमित संसाधनों में सेवाएं दे रही है। लेकिन, कुछ लोग हैं, जिन्हें न खुद और न दूसरों की चिंता है।
उधर, पुलिस अधीक्षक हमीरपुर अर्जित सेन ठाकुर ने कहा कि पुलिस ने लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर 34 एफआईआर और 46 वाहनों के चालान काटे हैं। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि घर पर रहें और सुरक्षित रहें।
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