मेडिकल कॉलेज में खराब पड़ी लिफ्ट। संवाद
हमीरपुर। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर एवं अस्पताल में सीटी स्कैन सुविधा ठप होने से मरीजों की परेशानी बढ़ती जा रही है। सरकारी अस्पताल में इलाज की उम्मीद लेकर आने वाले मरीजों को अब जांच के लिए निजी लैब का रुख करना पड़ रहा है।
एक सीटी स्कैन पर करीब दो हजार रुपये तक खर्च होने के कारण आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 1500 से तीन हजार मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं, जिनमें कई मरीजों को चिकित्सक बीमारी की सही पहचान के लिए सीटी स्कैन करवाने की सलाह देते हैं।
मरीजों में राजीव, कुलदीप, पंकज और अनिल ने बताया कि सरकारी अस्पताल में सस्ती चिकित्सा सुविधा की उम्मीद से आए थे, लेकिन जांच बाहर करवाने की मजबूरी से खर्च बढ़ गया है। उन्होंने प्रशासन से सीटी स्कैन की सुविधा जल्द शुरू करवाने की मांग की है, ताकि मरीजों को राहत मिल सके।
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मेडकिल कॉलेज की लिफ्ट फिर हुई खराब
एक सप्ताह के बाद ठीक हुई लिफ्ट फिर खराब हो गई है। लिफ्ट खराब होने से मरीज काफी परेशान हैं। बार-बार लिफ्ट के खराब होने से अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना शुरू हो गए हैं। गत महीने में भी लिफ्ट कई बार खराब हुई। लिफ्ट की सही जांच न करवाकर अस्पताल प्रबंधन किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहा है। मरीजों ने अस्पताल प्रबंधन से नई लिफ्ट की सुविधा देने की मांग की है।
कोट
अर्थिंग के चलते सीटी स्कैन सुविधा बंद है। लिफ्ट खराब होने की सूचना भी प्राप्त हुई थी। मरीजों की समस्याओं का जल्द समाधान सुनिश्चित करवाया जा रहा है।
-डॉ. देशराज शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर