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ओपीडी के बाहर जुटी भीड़, वापस लौटा दी गर्भवती महिलाएं

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मेडिकल कॉलेज हमीरपुर की स्त्री रोग ओपीडी के बाहर इंतजार के लिए खड़ी महिलाएं। - फोटो : Hamirpur-HP
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हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर में सोमवार सुबह के 11:30 बज रहे हैं और अस्पताल की ओपीडी 1300 को पार कर चुकी है। कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ रही है, लेकिन मेडिकल कॉलेज में संक्रमण से बचाव के लिए कोई पुख्ता प्रबंध नहीं हैं। अमर उजाला की टीम जब सोमवार को अस्पताल में व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंची तो नजारा अलग दिखा। कोरोना संक्रमण को दरकिनार कर लोगों की भारी भीड़ ओपीडी के बाहर बारी का इंतजार करती नजर आई।
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सोमवार सुबह 11:35 बजे स्त्री रोग ओपीडी के बाहर भारी भीड़ रही। कई गर्भवती महिलाएं खड़ी होकर बारी का इंतजार करती देखी गई। दोपहर 12:30 बजे तक 70 पर्चियां पहले ओपीडी में ले ली गईं। लेकिन इसके बाद आई पर्चियों को अगले दिन आने के लिए कह दिया। संतोष कुमारी निवासी उखली गर्भवती बहू की जांच करवाने के लिए टैक्सी में आई थी। उसे उसकी पर्ची वहां तैनात सुरक्षाकर्मी ने वापस कर दी और अगले दिन आने को कहा। इस पर महिला ने कहा कि वह किराया खर्च कर आई है और रोज कौन इतना किराया खर्च करे। 11:45 पर टीम जब निशुल्क दवाई काउंटर पर पहुंची तो यहां एजिथ्रोमाइसिन और छह इंच प्लास्टर खत्म पाया। दोपहर 12 बजे मेडिसन ओपीडी के बाहर भी लोगों की भीड़ देखने को मिली। यहां न तो कोई सुरक्षा कर्मी दिखा और न ही अस्पताल का अन्य कर्मचारी जो इन लोगों को काबू कर सके।
ऐसा ही हाल इस ओपीडी के सामने सर्जिकल और हड्डी रोग ओपीडी में भी देखने को मिला। सोमवार को दोपहर ढाई बजे तक मेडिसिन ओपीडी में सबसे ज्यादा 203 लोगों ने, हड्डी रोग में 186, स्त्री रोग में 157, त्वचा रोग में 123, नेत्र रोग में 115, सर्जरी में 100, ईएनटी में 70 के करीब मरीज जांच के लिए पहुंचे। स्त्री रोग विभाग से 70 के बाद की पर्चियों को अगले दिन आने के लिए कहा गया।
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क्या कहते हैं लोग-
लोग कतार तोड़कर कर रहे मनमर्जी : आशा
12:30 बजे मरीज आशा कुमारी ने कहा कि वह सुबह नौ बजे अस्पताल आई हैं। पहले तो पर्ची बनवाने के लिए लंबी कतार में खड़ी रहीं। इसके बाद मेडिसिन ओपीडी के बाहर लंबी लाइन लगी। लेकिन लोग लाइन तोड़कर अपनी मर्जी से आगे जाते रहे। इस कारण उनका नंबर दोपहर 12:30 बजे तक भी नहीं पड़ा।
लोगों को संभालने के लिए नहीं सुरक्षा कर्मी : चौहान
12:32 पर मेडिसिन ओपीडी के बाहर कतार में लगे बलवंत चौहान ने कहा कि लोग खुद कतार नहीं बनाते। न ही सुरक्षा कर्मी यहां लोगों को संभालने के लिए तैनात हैं। यदि बीच में से कोई मरीज या तीमारदार बोलता है तो उससे लड़ने को उतारू होते हैं। सुबह साढ़े नौ बजे से कतार में खड़े हैं, लेकिन अभी तक नंबर नहीं पड़ा।
प्लास्टर को खर्च करने पड़े एक हजार : अजय
12:40 पर अजय कुमार ने कहा कि स्कूटर से गिरकर टांग टूट गई है। जब निशुल्क दवाई काउंटर पर छह इंच का प्लास्टर मांगा तो वहां पर उसे खत्म बताया। इसके चलते उन्हें निजी मेडिकल स्टोर से ही प्लास्टर लाना पड़ा। जिसका पूरा सामान करीब एक हजार रुपये का पड़ा।
बयान-
सप्ताह में सोमवार को सबसे अधिक ओपीडी अधिक होती है। पूर्व में कोरोना के कारण लोग कम आते थे, लेकिन अब सामान्य परिस्थितियों की तरह ही लोग अधिक संख्या में अस्पताल पहुंच रहे हैं। लोगों को सामाजिक दूरी का ख्याल रखना चाहिए। ओपीडी के बाहर सुरक्षा कर्मी भी तैनात रहते हैं। जो लोगों को समय समय पर निर्देशित करते रहते हैं।
डॉ. आरके अग्निहोत्री, एमएस मेडिकल कॉलेज हमीरपुर

ेडिकल कॉलेज हमीरपुर की स्त्री रोग ओपीडी के बाहर इंतजार के लिए खड़ी गर्भवती महिलाएं।- फोटो : Hamirpur-HP

मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के निशुल्क दवाई काउंटर के साथ लगते गायनी वार्ड के रास्ते में भीड़ के कारण आव- फोटो : Hamirpur-HP

ेडिकल कॉलेज हमीरपुर के स्त्री रोग विभाग की ओपीडी के बाहर अपनी बारी का इंतजार करतीं महिलाएं।- फोटो : Hamirpur-HP

मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के निशुल्क दवाई काउंटर पर लगी लोगों की भीड़।- फोटो : Hamirpur-HP

मेडिकल कॉलेज हमीरपुर की सर्जरी ओपीडी के बाहर लगी लोगों की भीड़।- फोटो : Hamirpur-HP

आशा कुमारी।- फोटो : Hamirpur-HP

बलवंत चौहान- फोटो : Hamirpur-HP

मेडिकल कॉलेज हमीरपुर की मेडिसन ओपीडी के बाहर लगी लोगों की भीड़।- फोटो : Hamirpur-HP

मेडिकल कॉलेज हमीरपुर की हड्डी रोग ओपीडी के बाहर लगी लोगों की भीड़।- फोटो : Hamirpur-HP

बिलासपुर से टूटी टांग के उपचार को मेडिकल कॉलेज हमीरपुर आए अजय कुमार।- फोटो : Hamirpur-HP

अजय कुमार ।- फोटो : Hamirpur-HP

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