हमीरपुर में कॉरपोरेट सेक्टर सेवानिवृत्त कर्मचारियों की बैठक में मौजूद सदस्य।
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हमीरपुर। कॉरपोरेट सेक्टर सेवानिवृत्त समन्वय कमेटी की विशेष बैठक हमीरपुर में प्रदेशाध्यक्ष देवी लाल ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। इसमें कमेटी ने निर्णय लिया कि प्रदेश कॉरपोरेट सेक्टर के साथ जितने भी सेवानिवृृत्त कर्मचारी भाजपा पार्टी के पदाधिकारी हैं, वह अपने-अपने जिला पार्टी अध्यक्ष को प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे देंगे। भाजपा सरकार ने साल 2007 और 2017 में अपने चुनावी घोषणा पत्र में घोषणा के बावजूद इस वर्ग की पेंशन को बहाल नहीं किया है। वर्तमान में प्रदेश के मुख्यमंत्री सार्वजनिक मंचों से बोल रहे हैं कि भाजपा सरकार ने सारे चुनावी वायदे पूरे कर दिए हैं, लेकिन इस वर्ग के साथ किया वादा पूरा नहीं हुआ है।
सच्चाई यह है कि अगर सरकार की इच्छा शक्ति हो तो इन निगमों, बोर्डों से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन देना सरकार का बाएं हाथ का काम है। इन निगमों, बोर्डों के कुल 6,730 कर्मचारियों को ही यह पेंशन लगनी है। यह पेंशन उन्हीं कर्मचारियों को लगनी है जो दिसंबर 1999 तक इन निगमों, बोर्डों में रेगुलर हो गए थे। इससे सरकार के खजाने पर भी कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ने वाला है, क्योंकि इन निगमों, बोर्डों के कर्मचारियों का एंप्लायर शेयर अगर प्रति कर्मचारी का ऐवरेज 10 लाख भी लगा लिया जाए तो लगभग 673 करोड़ रुपये बनेगा और ईपीएफओ के पास भी 258 करोड़ रुपये जोकि 2015 तक था, उसका सात साल का 8.50 की दर से ब्याज लगभग 155 करोड़ रुपये बनेगा। यानी कुल 673 करोड़ और 413 करोड़ मिलाकर 1,086 करोड़ रुपये तो सरकार के पास इन कर्मचारियों का ही इकट्ठा हो जाएगा।
अगर 20,000 रुपये प्रति कर्मचारी को पेंशन लगती है तो महीने का 13 करोड़ ही खर्च आएगा। अगर सरकार तुरंत प्रभाव से पेंशन बहाल कर देती है तो लगभग 10 साल तक सरकारी खजाने से एक रुपया भी सरकार को नहीं देना पड़ेगा। बैठक में प्रदेशभर के प्रतिनिधियों में भीम सिंह चौहान, विनोद गुप्ता, सफदर हुसैन, सुशील शर्मा, राजकुमार चौहान, अब्दुल बहाव, विनोद लाला, कर्म सिंह, दीवान सैनी, केएल वर्मा राज कुमार, जगदीश सनौरिया, दलीप सिंह मौजूद रहे।