हमीरपुर। ग्रीष्म अवकाश को लेकर तीन-तीन आदेश जारी होने के चलते शिक्षकों और स्कूल प्रमुखों में संशय पैदा हो गया है। राजकीय टीजीटी कला संघ महासचिव विजय हीर ने इस संशय पर चिंता जाहिर करते हुए विभाग से स्थिति स्पष्ट करने की मांग विभाग से की है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के ग्रीष्म अवकाश वाले स्कूलों में इस सत्र के शुरू में अवकाश को लेकर संशय बढ़ चुका है। शिक्षा विभाग ने तीन अलग-अलग पत्रों के जरिये विभिन्न निर्देश दे रखे हैं। इनमें से कौन सा आदेश लागू करना है, यह उच्च शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट नहीं किया है।
पांच अप्रैल 2023 को निदेशक उच्चतर शिक्षा ने जो अधिसूचना जारी की है, उसके अनुसार पहली से चार अप्रैल 2025 के मध्य अवकाश होने चाहिए लेकिन इसके बाद छुट्टियों के शेड्यूल में कई बार बदलाव की मांग की गई।
नौ दिसंबर 2024 को शिक्षा सचिव ने जिलाधीशों को 15 से 20 दिन ग्रीष्म और 20 से 25 दिन मानसून अवकाश शेड्यूल फाइनल करने की शक्ति देकर सुझाव लिए थे। ग्रीष्म अवकाश के 52 दिन में से 40 दिन का शेड्यूल जिलाधीश तय करने वाले थे लेकिन इसकी फाइनल अधिसूचना नहीं हुई है कि यह शेड्यूल जिलाधीश ही तय करेंगे या शिक्षा विभाग अपने आप इसकी अधिसूचना करेगा।
उधर शिक्षा विभाग ने 15 फरवरी 2025 को नया गतिविधि कैलेंडर जारी किया है, जिसके अनुसार ग्रीष्म अवकाश वाले स्कूलों में पहली से चार अप्रैल के मध्य अब सुधार केंद्रित सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। सत्र तभी आयोजित हो सकते हैं, जब स्कूल खुले हों। ऐसे में कोई भी फाइनल अधिसूचना जारी नहीं होने से शिक्षक भ्रम की स्थिति में हैं कि इन अधिसूचनाओं में से कौन सी अधिसूचना लागू होगी। उन्होंने कहा कि 29 मार्च को वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित होना है और उस दिन शिक्षकों को बच्चों को यह भी बताना पड़ता है कि अवकाश किस तिथि से किस तिथि तक होंगे लेकिन शिक्षक खुद इस बार भ्रम की स्थिति में हैं।