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बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ सड़क पर उतरे कामरेड

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सुजानपुर में धरना प्रदर्शन करते सीटू के कार्यकर्ता - फोटो : Hamirpur-HP
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सुजानपुर(हमीरपुर)। कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) जिला इकाई हमीरपुर और सीटू हमीरपुर ने बुधवार को संयुक्त रूप से बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और लोगों की आजीविका के गिरते स्तर को लेकर रैली निकालकर सरकार विरोधी नीतियों के खिलाफ सुजानपुर में प्रदर्शन किया।
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प्रदर्शन चिल्ड्रन पार्क सुजानपुर से शुरू हुआ और बाजार से होता हुआ ब्लॉक कार्यालय तक पहुंचा। अपनी मांगों को लेकर बीडीओ के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया है। प्रदर्शन को सीटू के राष्ट्रीय सचिव डॉ. कश्मीर सिंह ठाकुर, जिला सचिव जोगिंदर कुमार, जिला अध्यक्ष प्रताप राणा, सुरेश राठौर, रंजन शर्मा, सुभाष चंद्र, संतोष आदि ने संबोधित किया।
प्रदर्शनकारियों ने मनरेगा में राज्य सरकार की ओर से निर्धारित न्यूनतम मजदूरी 350 रुपये देने, साल में 100 दिन का रोजगार सुनिश्चित करने, मनरेगा में असेसमेंट खत्म करने, पंचायतों में मनरेगा और अन्य कार्यों को ठेके पर न देने, कल्याण बोर्ड में राजनीतिक हस्तक्षेप बंद करने, एक माह के भीतर मजदूरों का पंजीकरण करने, कल्याण बोर्ड कार्यालय में लंबित सामान को तुरंत जारी करने, सभी बचे मजदूरों को एकमुश्त सामान खरीदने के लिए धनराशि जारी करने और महंगाई रोकने के लिए तुरंत कदम उठाने की सरकार से मांग उठाई।
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डॉ. कश्मीर ने कहा कि मोदी सरकार ने इस वित्त वर्ष में मनरेगा के बजट में 25 फीसदी तक कटौती कर दी है। इसके परिणाम स्वरूप लोगों को मनरेगा में काम नहीं मिल रहा है। कई कई महीनों से सीमेंट को अन्य सामग्री की अदायगी नहीं हो रही है। कई स्थानों पर मजदूरों को काम करने पर महीनों तक मजदूरी नहीं मिल रही है। अगर कहीं मजदूर जिद करके काम मांगता भी है तो उसे काम के बदले असेसमेंट में दिहाड़ी घटाकर दी जा रही है, ताकि दोबारा मजदूर काम पर ही न आएं। दूसरे निर्माण मजदूरों के लिए 1996 में बने कानून के तहत जो कल्याण बोर्ड से सुविधाएं मिलती थीं, अब वहां पर भी राजनीतिक हस्तक्षेप और भ्रष्टाचार से मजदूरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मजदूरों का साल-साल भर से पंजीकरण नहीं हो रहा है। वजीफे के लाभ भी 2 साल बाद भी नहीं आ रहे हैं। सामान पहले कल्याण बोर्ड के दफ्तर में बोर्ड के अधिकारी देते थे, लेकिन अब यह सामान भाजपा की रैलियों में बांटा जा रहा है। मजदूरों को दरकिनार करते हुए अपने चहेतों को दिया जा रहा है। इससे मजदूरों में भारी रोष है। बढ़ती महंगाई का सबसे ज्यादा असर गरीबों में पर पड़ा है। खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि से जनता कुपोषण का शिकार होती जा रही है। इस मौके पर सुषमा, प्रमिला, शारदा, इंदु, दीप चंद, नीलम और मंजू सहित सैकड़ों लोगों ने भाग लिया।
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