हमीरपुर। जिलेभर में बंद हो चुके सरकारी स्कूलों के खाली पड़े भवनों की अब क्लस्टर प्रभारी नियमित देखरेख करेंगे। शिक्षा विभाग ने इन भवनों की निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के लिए प्रत्येक माह निरीक्षण अनिवार्य किया है।
क्लस्टर प्रभारी निरीक्षण की रिपोर्ट उपनिदेशक कार्यालय में जमा करवाएंगे। रिपोर्ट के साथ स्कूल भवन के उपयोग को लेकर प्रभारी संबंधित पंचायत प्रतिनिधियों से भी चर्चा करेंगे, ताकि उपयोग योग्य भवनों को स्थानीय जरूरत के अनुसार इस्तेमाल में लाया जा सके।
इससे लंबे समय से खाली पड़े भवनों की स्थिति की जानकारी विभाग को नियमित रूप से मिलती रहेगी और उनके रखरखाव में भी मदद मिलेगी। वर्तमान में जिले में 61 स्कूल भवन ऐसे हैं, जहां बीते दो शैक्षणिक सत्रों से शिक्षण कार्य बंद है। इनमें से 25 भवनों का किसी न किसी रूप में उपयोग हो रहा है।
इनमें पंचायत कार्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र और युवक मंडलों के कार्यालय संचालित हैं, जबकि शेष भवन खाली पड़े हैं। लंबे समय से उपयोग नहीं होने के कारण खाली भवनों के आसपास असामाजिक गतिविधियां बढ़ने की शिकायतें सामने आई थीं।
ग्रामीणों की मांग के बाद शिक्षा विभाग ने समस्या के समाधान के लिए क्लस्टर प्रभारियों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
कोट
बंद स्कूल भवनों की नियमित निगरानी के लिए क्लस्टर प्रभारियों को जिम्मेदारी दी जाएगी। हर माह निरीक्षण रिपोर्ट कार्यालय में जमा होगी और पंचायत प्रतिनिधियों से चर्चा कर भवनों के उपयोग की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।
-कमल किशोर भारती, उपनिदेशक, प्रारंभिक शिक्षा विभाग हमीरपुर