कस्बा में अतिक्रमण हटाओ मुहिम सिरे नहीं चढ़ पा रही है। प्रशासनिक अधिकारी कस्बा का निरीक्षण करने पहुंचते हैं तो दुकानदार सारा सामान समेट लेते हैं, जबकि अधिकारियों के लौटते ही दोबारा दुकानों के बाहर सामान सजा देते हैं। वर्तमान में हालात ऐसे हैं कि वाहन चालक तो दूर राहगीरों का भी गलियों से निकलना दूभर हो गया है।
नीरज कुमार, सचिन राणा, प्रदीप राणा, धीरज, भानू प्रताप का कहना है कि सुजानपुर कस्बा में अतिक्रमण हटाओ अभियान सिरे नहीं चढ़ पा रहा है। अधिकारी एक तरफ तो औचक निरीक्षण करने का हवाला देते हैं तो दूसरी तरफ रेहड़ी-फड़ीधारक और दुकानदार अतिक्रमण करने से बाज नहीं आते हैं।
जब भी अधिकारी बाजार में औचक निरीक्षण करने पहुंचते हैं तो सारे कारोबारी सामान दुकानों में समेट लेते हैं। अधिकारियों के जाते ही दोबारा सारा सामान सड़क किनारे सजा दिया जाता है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन को कई बार समस्या के बारे में अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन अब तक न तो प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने को लेकर कोई दिलचस्पी दिखाई है और न ही नगर परिषद नुमाइंदे सतर्क हैं।
दुकानदार बेखौफ होकर अतिक्रमण कर प्रशासन के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। लोगों ने अतिक्रमणकारी दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
नप अध्यक्ष रमन भटनागर का कहना है कि प्रशासन की कार्रवाई के दौरान नगर परिषद सहयोग करेगी। अतिक्रमणकारियों को किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।