पशुपालन विभाग के चिकित्सक अब घर-द्वार पर पशुओं का स्वास्थ्य जांचेंगे। पशुओं के बीमार होने पर घर-द्वार चिकित्सा सेवाएं मिलेंगी। कार्य में कोताही बरतना चिकित्सकों सहित विभाग के अन्य कर्मचारियों के लिए भारी पड़ सकता है। सिटीजन चार्टर गारंटी एक्ट के तहत लोगों की शिकायत पर संबंधित चिकित्सक पर कार्रवाई का प्रावधान है।
दोषी पाए जाने पर सजा और जुर्माना हो सकता है। शिकायत मिलने के बाद संबंधित पशु चिकित्सक को 12 घंटे के भीतर इलाज घर द्वार जाकर करना होगा। इसके लिए पशुपालन विभाग के चिकित्सक की सेवाएं निशुल्क रहेंगी। हालांकि, चीफ फार्मासिस्ट और सहायक असिस्टेंट की घर-द्वार सेवा के लिए लोगों को फीस का भुगतान करना होगा।
मुख्य चिकित्सक और चिकित्सक की सेवाएं मुफ्त रहेंगी। चीफ फार्मासिस्ट और सहायक असिस्टेंट को तीन किलोमीटर दूरी के लिए 35 रुपये और इससे अधिक दूरी के लिए 40 रुपये सर्विस चार्ज देने होंगे। इससे अधिक रुपये मांगने पर इसकी शिकायत विभाग से करें। वहीं, भुगतान का बिल भी मिलेगा। साथ ही, पशु के इलाज की पर्ची बनवाना भी अनिवार्य है।
विभाग के चिकित्सकों को शिकायत मिलने के 12 घंटे के भीतर पशु का इलाज करना होगा। मुख्य चिकित्सक और चिकित्सक की घर-द्वार सेवाएं निशुल्क रहेंगी। सिटीजन चार्टर एक्ट में कोताही पर अधिकारियों, कर्मचारियों के विरुद्ध सजा का प्रावधान है।
- अजमेर सिंह, सहायक उपनिदेशक, पशुपालन विभाग