ज्योली देवी प्राथमिक स्कूल का भवन बदहाल, हादसे का खतरा
स्कूल में प्री-प्राइमरी से पांचवीं कक्षा तक 66 विद्यार्थी हैं दाखिल
प्रथम मंजिल के खस्ताहाल होने से अब धरातल के गिरने का बढ़ा खतरा
अरिवंद मौर्या
बड़सर (हमीरपुर)। वर्षों पुराने खस्ताहाल स्कूलों की मरम्मत करवाना शिक्षा विभाग के लिए गले की फांस बना हुआ है। शिक्षा खंड बिझड़ी के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक पाठशाला ज्योली देवी में स्कूल भवन की हालात खस्ता है। यहां दाखिल नौनिहाल खतरे के साये में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। खस्ताहाल भवन गिरने के कगार पर है लेकिन विभाग की ओर से मरम्मत कार्य को लेकर लगातार लापरवाही बरती जा रही है। बरसात के मौसम में छत से पानी टपक रहा है। इससे विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों को भी परेशान होना पड़ रहा है।
वर्तमान में स्कूल में प्री-प्राइमरी में 19 जबकि पहली से पांचवीं कक्षा तक 47 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। स्कूल भवन की प्रथम मंजिला पूरी तरह से जर्जर है। धरातल मंजिल के गिरने का भी खतरा बना हुआ है। छत से सरिये निकल चुके हैं। दीवारों और छत पर लगा अधिकतर प्लास्टर उतर चुका है। ऐसे में प्रथम मंजिल के साथ धरातल मंजिल के भी गिरने का खतरा बना हुआ है। अभिभावकों राकेश, प्रदीप, सुमन, रामलाल, संदीप, राजेश राणा, विपिन, सोमा देवी आदि ने कहा कि उन्होंने सत्र के शुभारंभ पर निजी स्कूलों से अपने बच्चों को निकालकर ज्योली देवी स्कूल में दाखिल करवाया था ताकि स्कूल में विद्यार्थियों को प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से चलाई गई विभिन्न योजनाओं का सही लाभ मिल सके। लेकिन, वर्तमान में स्कूल भवन की हालत खस्ता बनी है। भवन गिरने के कगार पर है। बच्चों और शिक्षकों को परेशान होना पड़ रहा है। कई बार विभाग और सरकार को लिखा जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है। उन्होंने शिक्षा विभाग से समस्या का समाधान करने की मांग की है।
इस बारे में प्रारंभिक शिक्षा विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि समस्या ध्यान में है। स्कूल का निरीक्षण किया गया है। भवन के मरम्मत कार्य के लिए बजट राशि का प्रस्ताव निदेशालय भेजा गया है ताकि स्कूल भवन का मरम्मत कार्य करवाया जा सके।