गलोड़ (हमीरपुर)। मानसून में ठंडी हवा और सुहावना मौसम तो हर किसी के मन को आकर्षित करता है, लेकिन अपने साथ कई संक्रमण और अन्य रोग भी साथ लाता है।
बदलते मौसम में त्वचा संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। सिविल अस्पताल गलोड़ में रोजाना की ओपीडी करीब 200 के लगभग हैं। इनमें 40 से 45 बच्चे खुजली, दाने, एलर्जी सहित त्वचा संबंधित अन्य बीमारियों से पीड़ित आ रहे हैं। बच्चों के इलाज के लिए उनके अभिभावक अस्पताल पहुंच रहे हैं।
चिकित्सक उपचार के साथ-साथ उनके अभिभावकों को बचाव की सलाह दे रहे हैं। जिला में बदलते मौसम में कभी बारिश हो रही है तो कभी उमस भरी गर्मी पड़ रही है। वर्षा के दिनों में भीगने के बाद लंबे समय तक गीले कपड़े पहनने से फंगल इंफेक्शन की आशंका रहती है। अगर समय रहते इन पर ध्यान न दिया जाए तो वे गंभीर रूप भी ले लेते हैं।
साफ-सफाई का रखें विशेष ध्यान
इस मौसम में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। जलभराव न होने दें। बच्चों को पसीने में न रखें। पसीना, नमी, गीलेपन से बचें। आउटडोर से आने के बाद जरूर नहाएं। धूप में जाने से बचें। साफ-सूखे और ढीले कपड़े पहनने चाहिएं। बीमार पड़ने पर बच्चे को चिकित्सक को दिखाएं। परिवार में यदि किसी को फंगल इंफेक्शन है तो उसके साबुन, तौलिया, बिस्तर से दूर रहना चाहिए।
कोट
बरसात के दिनों में त्वचा रोग के अधिक मामले आ रहे हैं। बच्चे भी इसकी चपेट में हैं। चिकित्सकों की ओर से अभिभावकों को उचित और बेहतर सलाह दी जा रही है।
-अरविंद कौंडल, बीएमओ गलोड़