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40 वर्ष से अधिक आयु वालों के लिए खतरनाक है काला मोतिया

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स्वास्थ्य उपकेंद्र जलाड़ी में ग्लूकोमा जागरूकता सप्ताह के तहत आयोजित कार्यक्रम में भाग लेते लो? - फोटो : Hamirpur-HP
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नादौन। स्वास्थ्य शिक्षक राम प्रसाद शर्मा ने कहा है कि 40 वर्ष की आयु पार कर चुके लोगों के लिए काला मोतियाबिंद ज्यादा खतरनाक है। आंखों के सामने छोटे-छोटे रंगीन धब्बे दिखाई देना, रंगीन रोशनी का घेरा दिखाई देना, चक्कर और मितली आना, आंखों में तेज दर्द होना और साइड विजन को नुकसान होना और बाकी विजन ठीक रहना मोतियाबिंद के प्रमुख लक्षण हैं।
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वे शनिवार को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग खंड नादौन के सौजन्य से काला मोतियाबिंद सप्ताह जागरूकता अभियान को संबोधित कर रहे थे। स्वास्थ्य उपकेंद्र जलाड़ी में जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर खंड चिकित्साधिकारी डॉ. अशोक कौशल के निर्देश पर लगाया गया। उन्होंने कहा कि भारत में लगभग सवा करोड़ से ज्यादा लोग काला मोतियाबिंद से प्रभावित हैं। काला मोतियाबिंद (ग्लूकोमा) आंखों की ऐसी बीमारी है जिसका आसानी से पता नहीं चलता है और जब पता चलता है तब बहुत देर हो चुकी होती है। काला मोतियाबिंद से बचाव का सबसे अच्छा और सरल उपाय नियमित रूप से आंखों की जांच करवाते रहना है।
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