नालागढ़ (सोलन)। नगर परिषद नालागढ़ में बड़ा उलटफेर हुआ है। यहां पर कांग्रेस की बजाए भाजपा के कार्यकर्ता ही मनोनीत पार्षद नियुक्त कर दिए हैं। इससे कांग्रेसी सकते में आ गए हैं। जो लोग नगर परिषद में मनोनीत हुए हैं ये चारों वही लोग हैं जिनके नाम मनोनीत पार्षद के लिए भाजपा सरकार के समय वर्तमान विधायक केएल ठाकुर ने शीर्ष नेतृत्व को भेजे थे, लेकिन इनके स्थान पर अन्य चार लोग मनोनीत हो गए थे। उस समय तत्कालीन मंडल अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री कार्यालय पर सूची बदलने का आरोप लगाया था।
केएल ठाकुर का टिकट कटने के बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा था और नारा दिया था कि मेरा क्या कसूर। यही नहीं केएल ठाकुर के समर्थक चुनाव अभियान के दौरान खुद को असली भाजपा बताते नहीं थकते थे। हालांकि चुनाव के दौरान इन्होंने विधायक केएल ठाकुर का साथ दिया था, मगर अभी तक इन्हें भाजपा से निष्कासित नहीं किया गया है। सुक्खू के सत्ता संभालते ही निर्दलीय केएल ठाकुर ने उनसे नजदीकियां बढ़ानी शुरू कर दीं। दूसरी ओर कांग्रेस प्रत्याशी हरदीप बावा वीरभद्र गुट से हैं। केएल ठाकुर इसका भरपूर फायदा उठाने का प्रयास कर रहे हैं। वह कांग्रेस के एसोसिएट सदस्य बन गए हैं और सुक्खू से भाजपा के बागी सदस्यों को मनोनीत करवाने में सफल हो गए। इसकी अधिसूचना चार फरवरी को जारी हुई और केएल ठाकुर छह फरवरी को इनकी शपथ ग्रहण करवाने में भी सफल हो गए।
यह नालागढ़ में कांग्रेस प्रत्याशी रहे हरदीप बावा के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। लोगों का कहना है कि नालागढ़ में अब विचार धारा कोई मायने नहीं रखती, जिसके चलते अब कांग्रेस का भगवाकरण और भाजपा का कांग्रेसीकरण हो गया है।