टौणीदेवी (हमीरपुर)। निर्माणाधीन एनएच-तीन हमीरपुर से अवाहदेवी वाया मंडी के अंतर्गत अब कोल्हू सिद्ध मंदिर के पास मैनुअल खुदाई की जाएगी। निर्माण कार्य में जुटी कंपनी ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ब्लास्टिंग की जगह मैनुअल खुदाई करने का निर्णय लिया है।
पूर्व में ब्लास्टिंग के कारण कोल्हू सिद्ध मंदिर का मुख्य द्वार और बरामदे की छत क्षतिग्रस्त हो गई थी। इस मसले को अमर उजाला ने आठ सितंबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद कंपनी ने मंदिर को हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए डेढ़ लाख रुपये देने और मंदिर के सामने मैनुअल खुदाई करने का निर्णय लिया है। ब्लास्टिंग पर अब रोक लगा दी गई है।
स्थानीय लोगों और मुख्य पुजारी रघुबीर सिंह चौहान और निर्माण कंपनी के सुपरवाइजर श्रीकांत के बीच बातचीत के बाद यह निर्णय लिया गया है। कंपनी ने स्थानीय लोगों को आश्वस्त किया है कि शीघ्र मंदिर परिसर की मरम्मत की जाएगी। बता दें कि एनएच निर्माण कंपनी को कोल्हूसिद्ध क्षेत्र में ब्लास्टिंग की अनुमति मिली हुई है। ब्लास्टिंग से उड़ने वाले पत्थर और गिरने वाली चट्टानें कोल्हू सिद्ध के ऐतिहासिक मंदिर को नुकसान पहुंचा रही थीं।
एनएच-तीन के निर्माण में जुटी कंपनी के सुपरवाइजर श्रीकांत ने कहा कि नुकसान की शिकायत मिली है। करीब डेढ़ लाख रुपये का नुकसान हुआ है। अब मंदिर के आसपास ब्लास्टिंग नहीं की जाएगी। यहां पर मैनुअल तरीके से खुदाई करने का निर्णय लिया है, ताकि मंदिर को कोई भी नुकसान न हो।