हमीरपुर। जिलाभर के स्कूलों में अब विद्यार्थियों को केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि व्यवसायिक शिक्षा भी प्रदान की जाएगी। इसके लिए ईएमसी (उद्यमिता मानसिकता पाठ्यक्रम) के तहत विशेष कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा दी जाएगी। यह पहल विद्यार्थियों को व्यावसायिक विषयों का प्रशिक्षण देने के साथ-साथ भविष्य में रोजगार की तलाश में मदद करेगी।
जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान गौना करौर में इस कार्यक्रम के संचालन के लिए छह शिक्षा खंडों के शिक्षकों के लिए अलग-अलग सत्रों में कार्यशाला आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य सभी स्कूलों में समान स्तर पर विद्यार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान करना है। वर्तमान में जिले के उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में 12 ट्रेडों में व्यवसायिक कोर्स पढ़ाए जा रहे हैं।
इन कोर्सों के अंतर्गत प्रैक्टिकल और अन्य गतिविधि कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि विद्यार्थियों को किताबी शिक्षा के साथ-साथ तकनीकी शिक्षा भी मिल सके। इन विषयों को और अधिक रोचक बनाने के लिए समग्र शिक्षा के तहत खंड स्तर पर कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है।
अनुसंधान एवं मूल्यांकन के जिला समन्वयक परमजीत डोगरा ने कहा कि उद्यमिता कार्यक्रम के तहत शिक्षकों के लिए खंड स्तर पर 15 से 30 सितंबर तक कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यशालाओं का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी शिक्षा के साथ-साथ तकनीकी शिक्षा भी प्रदान करना है, ताकि वे भविष्य में बेहतर ढंग से तैयार हो सकें।